नवगछिया : माँ गंगा फिर हुई उग्र.. इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध 30 मीटर कटकर गंगा में समाया

नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल के इस्माईलपुर से बिंदटोली तक बना तटबंध एक बार फिर गंगा के जलस्तर घटने के साथ कटकर गंगा में समाने लगा। रविवार को हुए कटाव में तटबंध 30 से 35 मीटर बोलडर पिचिंग के साथ धंसकर नदी में जा गिरा। कटाव की जानकारी स्थानीय बीरनगर के लोगों द्वारा सैदपुर के अधिवक्ता मुकेश कुमार को दी। इसके बाद उन्होंने विभागीय अभियंता एवं प्रशासनिक अधिकारी को सूचना दी। तब तक तटबंध कई मीटर कट चुका था। तटबंध पर गंगा नदी का लगातार दबाव बन रहा था। तटबंध टूटने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गय। स्थानीय लोगों के सहयोग से तत्काल मौके पर मौजूद फ्लड फाइटिंग सामग्री को उसमें डालने का कार्य शुरू किया गया। तब जाकर तटबंध पूरी तरह ध्वस्त होने से बचा।

तटबंध कटने की जानकारी मिलते ही कटिहार के मुख्य अभियंता राजेंद्र महतो, भागलपुर के अधीक्षण अभियंता, नवगछिया के कार्यालय के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार सहित नवगछिया अनुमंडल पदाधिकारी एवं गोपालपुर पुलिस मौके पर पहुंची। कटाव का दायरा देखते-देखते बहुत बड़ा हो चुका था। स्थानीय लोगों ने मौके पर मौजूद अभियंताओं को इस कटाव के लिए पूरी तरह कैंप में रह रहे अभियंता पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से सुबह-सुबह से ही कटाव शुरू होने लगा, अगर अभियंता ध्यान देते तो इतना बड़ा दायरा नहीं बढ़ता। वही मौके पर मौजूद मुख्य अभियंता ने तत्काल फाइटिंग फोर्स के अध्यक्ष के साथ मिलकर बंबू रोल, बंस की झांकी, पेड़ काटकर कटाव स्थल पर डालकर रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन कार्य की स्थिति देखकर मौके पर मौजूद नवगछिया के नवनियुक्त अनुमंडल पदाधिकारी प्रशिक्षु आईएएस यतेंद्र कुमार पाल ने मौजूद अभियंता को कड़ी फटकार लगाई और कार्य प्रगति पर लाने का निर्देश दिया।

कैंप कर रहे अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि जब तक रिस्टोरेशन नहीं होगा अभियंता से लेकर सभी कर्मी कार्य करवाते रहेंगे। वहीं फ्लड फाइटिंग फोर्स के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद ने बताया कि जिस तरह से कटाव का दायरा बना है। उसे प्रॉबिंग कराने के साथ-साथ नदी की गहराई को मापते हुए एनसी कराया जा रहा है। हाथी पांव के अलावा बांस की झाड़ी, पेड़ काटकर एवं अन्य कई व्यवस्था कटाव रोकने के लिए क्या किया है। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि कटाव के कारण थोड़ा सा दबाव तटबंध पर बढा है लेकिन तटबंध को पूरी तरह रिस्टोरेशन करने का कार्य किया जा रहा है। हम लोग यहां पर उसके लिए प्रयासरत हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि जिस तरह से कैंप में रह रहे अभियंता को कटाव होने की जानकारी मिलने के बाद भी समय पर काम शुरू नहीं इससे विभाग की लापरवाही है।

कहते हैं भागलपुर सांसद

कटाव की सूचना के बाद भागलपुर के सांसद अजय मंडल के प्रतिनिधि कटाव स्थल पर पहुंचकर इसकी जानकारी सांसद को दी। सांसद ने पत्रकारों से फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि यह कटाव विभाग की लापरवाही है। स्थानीय लोगों ने जिस तरह से प्रयास कर मुफ्त श्रमदान कर बचाने का प्रयास किया काफी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही को लेकर के हम खुद विभाग से यहां के अभियंताओं की जांच कराएंगे। सांसद ने कहा कि किसकी लापरवाही से तटबंद जिस तरह से डिमहा के समीप ध्वस्त हुआ है। पूरी तरह लापरवाही नहीं तो क्या है, वही वीरनगर के पास एक ही तटबंध दो जगह टूटना यह लापरवाही नहीं तो क्या है। 10 कदम पर कैंप कार्यालय के समीप तटबंध कट जाना इसे क्या समझा जाएगा। इसलिए हम पूरे कटाव रोधी कार्य से लेकर फ्लड फाइटिंग कार्य की जांच कराएंगे।

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