NAUGACHIA News

भागलपुर में गंगा नदी के बीच धारा में खराब हुई यात्रियों से भरी नाव, SDRF ने किया रेस्क्यू

विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद पप्पू यादव ने शुरू कराई निशुल्क नाव सेवा

नवगछिया में ऊर्जा मंत्री बूलो मंडल का जनसंपर्क अभियान, जनता से संवाद कर जाना हालचाल

विक्रमशिला सेतु पर पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ बेली ब्रिज का मुख्य कार्य

नवगछिया : आकांक्षा प्रियदर्शिनी ने जीते दो स्वर्ण पदक, क्षेत्र में खुशी की लहर

नवगछिया : तीनटंगा दियारा में कटाव स्थल का ऊर्जा मंत्री ने किया निरीक्षण,

नवगछिया : फरार आरोपी के घर पुलिस ने चिपकाया इश्तेहार, कुर्की की चेतावनी

नवगछिया : इलाज में देरी बनी काल, नाव पर ही छह दिन की नवजात ने तोड़ा दम

NAUGACHIA NEWS

THE SOUL OF CITY

नवगछिया : गगनभेदी नारों के बीच तिरंगे में लिपटा शव आया था तिरासी

नवगछिया : कारगिल के बाटालिक सेक्टर में पाकिस्तानी घुसपैठिये से लोहा लेते हुए शहीद हुए हवलदार रतन सिंह का शव जब 5 जुलाई 1999 को तिरंगे में लिपटा नवगछिया आया था तो उनके स्वागत में पूरे इलाके के लोगो ने आंखें बिछा दी थीं। रात रात भर जगकर पूरे नवगछिया के युवक जगे रहे।

Whatsapp group Join

सड़कों पर उनके नाम के साथ शहीद रतन सिंह अमर रहे के नारे लिखे तख्तियां लगाई गईं। फूलों से उनको श्रद्धांजलि दी और रात भर जगकर शहीद का इंतजार किया। सुबह जब तिरंगे में लिपटा शहीद का शव आया तो जब तक सूरज चंद रहेगा शहीद रतन सिंह तेरा नाम रहेगा के नारे गूंजते रहे। सैकड़ो युवा हाथ मे तिरंगा लिये जयकारे कररते हुए शहीद के शव के साथ चल रहे थे। एक किलोमीटर से लंबा यह काफिला था।

सेना के जवानों के कंधे पर रतन का ताबूत था, परिजनों की आंखें बरस रही थी लेकिन गमगीन माहौल में रतन सिंह अमर रहे के नारे गूंज रहे थे। शहीद का शव गांव पहुचते ही गांव की महिलाएं, वृद्ध अपने लाडले का चेहरा देखने के लिए रोते बिलखते दौड़ पड़े।

पति का शव देखते ही बेहोश हो गयी थी पत्नी :

शहीद रतन सिंह का चेहरा देखते ही उनकी पत्नी मीना देवी बेहोश हो गई थी। वहीं पुत्र रूपेश, मंजेश, बेटी गुंजन और कंचन का भी रो-रोकर बुरा हाल था। सभी बच्चे छोटे थे जिन्हें बाद में बुआ ने संभाला।

तत्कालीन डीएम ने दी थी श्रद्धांजलि

शहीद के शव को भागलपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी अंशुलि आर्या ने श्रद्धांजलि दी थी। उनकी उपस्थिति में शहीद को जवान ने श्रद्धांजलि दी गई थी। बारिश के बीच इस अवसर पर इलाके के गणमान्य लोगों के अलावे युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। शहीद को उनके बड़े पुत्र रुपेश कुमार सिंह ने मुखग्नि दी थी।

चोर चोर चोर.. कॉपी कर रहा है