नवगछिया : कहारपुर के मुख्य पीसीसी सड़क में कटाव शुरू, पीएससी भी मुहाने पर

बिहपुर प्रखंड के कहारपुर गांव में कोसी नदी का कटाव लगातार जारी है। कोसी नदी के कटाव से कहारपुर गांव के अस्तित्व पर संकट बना हुआ है। रविवार को नदी ने कहारपुर गांव की मुख्य सड़क को काटना आरंभ कर दिया है। इसके साथ ही मनीष सिंह का घर एवं बासा कोसी नदी के कटाव में पूरी तरह से कट गया है। गांव के सुखो रविदास एवं मुखो रविदास का आधा से अधिक घर कट कर नदी में समा चुका है। जबकि जगदीश रविदास, लखन रविदास का घर, शिवशंकर शर्मा का पक्का मकान एवं श्यामकमल सिंह का बासा नदी के बिलकुल किनारे पहुच गया है। अाैर कभी भी कटाव की जद में अा सकता है। इसके साथ ही कहारपुर का स्वास्थ्य उपकेंद्र भी कटाव के मुहाने पर पहुच गया है। कोसी नदी के कटाव से गांव के लोगो में भय व्याप्त हो गया है। नदी कटाव करते हुए गांव दर्जनों लोगों के घर व उपजाउ जमीन व बगीचे को काटते हुए नदी घनी आबादी के क्षेत्र में पहुंच गया है।

नहीं मिल रहा राहत और मुआवजा | कहारपुर में पिछले दो वर्षों से कटाव जारी है। लेकिन जल संसाधन विभाग एवं स्थानीय प्रशासन स्तर से इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब पूरे गांव के अस्तित्व पर संकट है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने कहा कि कटाव में विस्थापित हुए परिवार के प्रति भी प्रशासन गंभीर नहीं है। जल संसाधन विभाग के अधिकारी कहते है कि यहां कटावरोधी कार्य चल रहा है। जबकि कटावरोधी कार्य तो दूर विभाग का एक कर्मी तक बीते 25 दिनों से यहां देखने के लिए।नहीं आया है। हमलोगों को कटाव व भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि बीते आठ दिन पूर्व अंचल निरीक्षक सह राजस्व कर्मचारी बदरे आलम यहां आकर कटाव व गिरे घराें की वाडीओग्राफी कराकर एवं कटावपीड़ितों के नामों की सूची बनाकर ले गए हैं। लेकिन राहत व मुआवजे के नाम पर अभी तक कटावपीडितों को एक ढेला तक नहीं मिला है। ग्रामीणों ने कटाव पीड़ितों को तत्काल राहत व मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।

जल संसाधन विभाग से नाखुश हैं ग्रामीण

कटाव को लेकर जल संसाधन विभाग के द्वारा कटाव निरोधी कार्य मे बढ़ती जा रही उदासीनता को लेकर ग्रामीणों में विभाग के प्रति काफी आक्रोश है। ग्रामीन सनातन सिंह, अनिस सिंह, सुखो रविदास, मुखो रविदास, कैलाश शर्मा, मंचा शर्मा व जोवनी शर्मा सहित अन्य लोगों ने कहा कि दो वर्षों कोसी नदी कटाव करते हुए गांव के सैकड़ों लोगों को बेघर कर चुकी है। कोसी नदी के इस वर्ष हो रहे कटाव में पूरे गांव के अस्तित्व पर संकट है। कई लोगों का घर इस वर्ष भी कट कर नदी में समा चुका है। दर्जनों ऐसे परिवार भी है जो अपना घर को खुद तोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर चुके हैं।

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