
नवगछिया : गंगा एवं कोसी नदी के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण अनुमंडल में बाढ़ की स्थिति धीरे धीरे भयावह होती जा रही है. गंगा एवं कोसी नदी की बाढ़ में अनुमंडल के सभी सातों प्रखंड तीन दर्जन गांव बाढ़ की चपेट आ गए हैं. बाढ़ कारण अनुमंडल के दस हजार परिवार अभी विभिन्न बांधो व सड़को पर शरण लिए हुए हैं. सड़को एवं बांधो पर रहने वाले बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी काफी कष्टप्रद बनी हुई है.
बाढ़ पीड़ितों के सामने सुध पेयजल एवं शौचालय की समस्या है. प्रशासनिक स्तर से बाढ़ पीड़ितों के लिए अबतक चापाकल एवं शौचालय की व्यवस्था नहीं की गई है. चारो तरफ बाढ़ का पानी फेल जाने से पशुचारे का भी घोर अभाव है. चारे के अभाव में पशुपालक मवेशियों को एक समय ही चारा दे पा रहें. बाढ़ को लेकर दिन बदिन हालात बिगड़ते जा रहे हैं लेकिन प्रशासनिक स्तर बाढ़ से बचाव को लेकर होने वाली कार्रवाई कागजों एवं बैठक तक ही सीमित रह रही है.
बाढ़ पीड़ितों को प्रशासनिक मरहम के रूप में महज दो हजार परिवारों के बीच सूखा राशन का वितरण हुआ है. शेष पीड़ित परिवार पॉलीथिन सीट एवं सूखा राशन से अबतक वंचित हैं. वरीय अधिकारियों के निर्देश का बाद भी बाढ़ पीड़ितों को समुचित सुविधा स्थानीय अधिकारी उपलब्ध नही करवा पा रहे हैं. मालूम हो की दो दिन पूर्व बाढ़ को लेकर हुई बैठक में सभी अंचल अधिकारियों को बाढ़ पीड़ितों के लिए चापाकल एवं वैकल्पिक शौचालय की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था. लेकिन निर्देश के बाद भी कार्य धरातल पर नहीं उतर पाया है.














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