
नवगछिया : फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि है. इस दिन 24 घंटे श्रद्धालु भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर सकेंगे. महाशिवरात्रि के दिन श्रवण नक्षत्र बन रहा है, जो संध्या 5:08 बजे तक रहेगा. इस दौरान परिघ योग का संयोग बन रहा है.
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि श्रद्धालु प्रतिदिन घर में देवो के देर महादेव की पूजा करते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि के दिन विशेष कृपा होती है. पंडित दीपक पाठक सारस्वत ने बताया कि फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए इस दिन शिव परिवार की उपासना करने से वैवाहिक जीवन सुखमय का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इतना ही नहीं, यदि शिवरात्रि पर सच्चे भाव से उपवास किया जाए तो मनचाहा वर पाने की कामना भी पूरी होती है.
उदया तिथि के आधार 26 को महाशिवरात्रि
पंडित विजयानंद शास्त्री ने बताया कि उदया तिथि के आधार पर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जायेगा. इस साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 26 फरवरी को सुबह 11: 08 बजे से होगी. तिथि का समापन अगले दिन यानी 27 फरवरी को सुबह 8:54 बजे होगा. उदया तिथि के आधार पर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जायेगा.
उन्होंने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त 26 फरवरी को प्रात: काल में 05:17 से लेकर 06:05 मिनट तक रहेगा. रात्रि प्रथम प्रहर पूजा का समय शाम 06:29 से रात 09:34 बजे तक, रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा का समय रात 09:34 से 27 फरवरी सुबह 12:39 बजे, रात्रि तृतीय प्रहर पूजा का समय 27 फरवरी को रात 12:39 से सुबह 03:45 बजे तक, रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा का समय 27 फरवरी को सुबह 03:45 से 06:50 बजे तक रहेगा.









