January 24, 2022

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दूसरे राज्य की गाड़ी बिहार में चलाना पड़ेगा महंगा, कर लें ये काम नहीं तो भरना होगा जुर्माना

दूसरे राज्यों में निबंधित गाड़ियों को बिहार में स्थायी तौर पर चलाने वाले वाहन मालिकों पर कार्रवाई की जायेगी. ऐसे वाहन मालिकों पर कम से कम पांच हजार रुपये जुर्माना होगा. यहां अगर दूसरे राज्य की गाड़ी लंबे समय से वाहन मालिक चला रहे हैं, तो उन्हें 30 दिनों के भीतर टैक्स जमा कर दे, तो उन्हें यह जुर्माना नहीं लगेगा.

विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने का आदेश

इस संबंध में परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी डीटीओ, एमवीआइ व इएसआइ को विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने का आदेश दिया है. विभाग को विभिन्न स्त्रोत से इसकी जानकारी मिली है, इसके बाद इस पर सख्ती शुरू हो गयी है. साथ ही सचिव ने आदेश दिया है कि ऐसे वाहन मालिकों के आवेदन पर विलंब ना कर तेजी से उन्हें लोकल नंबर दें.

दूसरे राज्य के गाड़ी मालिक को घबराने की आवश्यकता नहीं

कई लोग टैक्स चोरी करने के उद्देश्य व अन्य कारणों से लग्जरी व अन्य निजी गाड़ियों का निबंधन पड़ोसी राज्य झारखंड, बंगाल आदि राज्यों में कराते हैं और बिहार में चलाते हैं, यह नियम के खिलाफ है. इससे बिहार सरकार को राजस्व को क्षति होती है. दूसरे राज्यों के वाहनों की जांच कर जुर्माना किया जा रहा है. लेकिन, इस कार्रवाई से पड़ोसी राज्य के सही वाहन मालिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है. जांच के दौरान दूसरे राज्यों के वाहन मालिक पेट्रोल पंप की रसीद, डीएल, टोला प्लाजा रसीद सहित अन्य प्रमाण पत्र दिखायेंगे, इससे यह बात स्पष्ट हो जायेगी कि वह दूसरे राज्य से आये हैं, तो उन्हें जुर्माना नहीं होगा.

दूसरे राज्यों में गाड़ियों का निबंधन बिहार की तुलना में सस्ता है, ऐसे में बिहार के मूल निवासी टैक्स चोरी के चक्कर में दूसरे राज्य में गाड़ी निबंधन कराते हैं. इसके बाद उस गाड़ी को यहां स्थायी रूप से चलाते हैं. जबकि दूसरे राज्य में निबंधित वाहन को अधिकतम 30 दिनों के भीतर वह अपने जिले के डीटीओ ऑफिस में टैक्स जमा कराना है. टैक्स जमा कराने के बाद उन्हें एक साल के भीतर बिहार का नंबर ले लेना है. दूसरे राज्य के निबंधित वाहन मालिक बिहार में अपना नियमित टैक्स जमा करा देते हैं तो उन्हें जुर्माना नहीं लगेगा.

क्या कहता है नियम

मोटर वाहन के कानून में यह प्रावधान है व्यक्ति अपने निवास स्थान से दूसरे राज्य में जाकर वाहन चलाते हैं, तो अधिकतम 30 दिनों के भीतर वहां उन्हें टैक्स जमा करान अनिवार्य है. ऐसा नहीं करने पर वाहन परिचालन अवैध मानते हुए जुर्माना होगा. ऐसे में जिन लोगों का ट्रांसफर जॉब है उसके लिए अब सरकार ने बीएच सीरीज की शुरुआत की है. यह सुविधा सरकारी व निजी दोनों संस्थान के कर्मी के लिए है. लेकिन, इसमें निजी संस्थान के कर्मी को इस बात का प्रमाण देना होगा कि उनके संस्थान का ऑफिस चार से अधिक राज्यों में है. तब उन्हें बीएच नंबर की सीरीज मिलेगी. जिसमें कम से कम वाहन मालिक को दो साल का टैक्स या अपनी सुविधा अनुसार अधिक साल का टैक्स देकर गाड़ी चला सकते हैं.

30 दिनों के भीतर टैक्स जमा करना अनिवार्य

बिहार के स्थायी निवासी जिनकी गाड़ी दूसरे राज्य में निबंधित है, उन्हें स्थायी रूप से बिहार में गाड़ी चलानी है, तो 30 दिनों के भीतर टैक्स जमा करना अनिवार्य है, नहीं तो कम से कम 5000 रुपये जुर्माना होगा. ऐसे वाहनों की जांच कर जुर्माना लगाया जा रहा है.

-रंजीत कुमार, एमवीआइ

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