जदयू और भाजपा के बीच इन सीटों पर बना हुआ है गतिरोध अररिया, कटिहार, भागलपुर

लगातार चल रही बैठकों के बीच जदयू और भाजपा के बीच सीटों को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। तीन सीटों पर दोनों के बीच गतिरोध कायम है। भाजपा ने अपनी सात जीती हुई सीटें छोड़ने का फैसला किया है। अब भागलपुर, अररिया और कटिहार पर ही गतिरोध है। इनमें एक सीट भाजपा के पास जाएगा जबकि दो जदयू ले जाएगा। अररिया सीट भाजपा के कोटे में जा सकती है। पिछले तीन दिनों में आधा दर्जन से अधिक बैठकों के बाद भाजपा ने 16 और जदयू ने 15 सीटों की लिस्ट तैयार कर ली है।

इसके पहले उसकी ओर से सीटों की जो लिस्ट तैयार की गयी थी, उसमें कई सीटें ऐसी हैं जिन पर जदयू ने दावा ठोक रखा था। ऐसे में भाजपा के समक्ष परेशानी थी। उधर, कई सीटें ऐसी हैं जिन्हें जदयू चाहता तो था लेकिन वह उसके कोटे की सीमा से बाहर हो जाता है। भाजपा को अपनी प्रतिष्ठा वाली कई सीटिंग सीटें छोड़नी पड़ रही हैं।

खींचतान कम हुई

इसके पहले भाजपा जदयू के बीच औरंगाबाद, सीवान, दरभंगा, कटिहार, महाराजगंज, गया, शिवहर को लेकर खींचतान चला। ये सारी भाजपा की सीटिंग सीटें हैं। वर्ष 2009 के लोकसभा में औरंगाबाद, शिवहर, महाराजगंज में जदयू ने अपना उम्मीदवार उतारा था। वह उसे अपनी परंपरागत सीट मानता है। इसी आधार पर उसने अपना दावा पेश किया है। दरभंगा पर जदयू और भाजपा दोनों की दावेदारी अपने उम्मीदवार सहित है।

भाजपा : पटना साहिब, पाटलिपुत्र, मुजफ्फरपुर, आरा, बक्सर, पूर्वी चंपारण, प. चंपारण, शिवहर, सारण, मधुबनी, दरभंगा, उजियारपुर, बेगूसराय, सासाराम, औरंगाबाद, महाराजगंज

लोजपा : हाजीपुर, जमुई, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया और नवादा

इन पर गतिरोध अररिया, कटिहार, भागलपुर

जदयू : गया, सीवान, वाल्मीकिनगर, मुंगेर, गोपालगंज, झंझारपुर, बांका, सुपौल, जहानाबाद, मधेपुरा, किशनगंज, सीतामढ़ी, काराकाट, पूर्णिया, नालंदा

भाजपा ने छोड़ीं सीटिंग सीटें गया, सीवान, वाल्मीकिनगर, गोपालगंज, झंझारपुर, नवादा

अकेली लोजपा ही है निश्चिंत उसकी सारी सीटें पहले से तय

तमाम दलों और गठबंधनों के बीच भले ही सीटों को लेकर विवाद चल रहा हो, गतिरोध बना हुआ हो पर लोजपा इन सबसे बेखबर है। लोजपा अकेली ऐसी पार्टी है जिसकी सीटों पर कोई विवाद नहीं, न ही कोई गतिरोध है। एनडीए में सीटों के बंटवारे में लोजपा को छह सीटें मिली हैं। ये सीटें तय हैं। उधर, भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस, रालोसपा, हम, वाम दल, सपा, बसपा किसी का सीट फाइनल नहीं हो पाया है। तमाम दलों में गतिरोध कायम है। लोजपा को पिछले लोकसभा चुनाव में सात सीटें हाजीपुर, जमुई, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर और नालंदा सीट मिली थी। इस बार उसे नालंदा छोड़कर छह सीटें मिली हैं। मुंगेर सीट भी उसे छोड़नी पड़ी है। बदले नवादा सीट दी गयी है।

अररिया पर भाजपा का जोर

पर, शनिवार को दोनों दलों के बीच सीटों की गणित बदल गया। गतिरोध भागलपुर, कटिहार और अररिया को लेकर रह गया। कटिहार में भाजपा हमेशा अपना उम्मीदवार उतारती रही है। जब एनडीए में जदयू शामिल था, तब भी कटिहार सीट पर भाजपा की ही दावेदारी रही है। इस सीट पर कभी उसे हार तो कभी जीती मिलती रही है। अररिया भी उसके लिए प्रतिष्ठित सीट रही है। भागलपुर से पूर्व केन्द्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन उम्मीदवार रहे हैं। पिछली बार वे मामूली अंतर से राजद के बुलो मंडल से हार गए थे।

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