January 24, 2022

Naugachia News

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नवगछिया : किशन हत्याकांड.. जमीन कब्जे को लेकर खून बहा रहे अपराधी.. भयभीत हैं परिजन

नगरह में किशन कुमार की हत्या के बाद परिजन खौफजदा हैं। परिजनों को लग रहा है कि अपराधी इतने ताकतवर हैं कि वे परिवार के अन्य सदस्यों की भी हत्या कर सकते हैं। गुरुवार को देर शाम तक किशन का दाह संस्कार गंगा घाट पर कर दिया गया है। किशन की भाभी नीलम देवी का कहना है कि उसने एक के बाद एक परिवार के तीन सदस्यों को अपनी आंखों से देखा। अब लग रहा है कि यहां के दबंग उसके परिवार के किसी भी सदस्य को छोड़ने वाले नहीं है। ऐसी स्थिति में अब इस गांव से पलायन कर जाना ही एक मात्र विकल्प है

अब बात सामने आ रही है कि दीनबंधु दास को सरकार से सीलिंग की जमीन मिली थी। इसी जमीन के एक दावेदार ने त्रिवेणी यादव के यहां बटाई दे दी थी। जिसके बाद त्रिवेणी यादव ने इस जमीन पर दखल कर लिया। दीनबंधु दास राजद के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष रहे थे। वे मामले को लेकर न्यायालय गए, जिसके बाद 26 मई 2006 को दीनबंधु दास की हत्या कर दी गयी। उसके परिवार ने इस जमीन की तरफ देखना ही बंद कर दिया। कन्हैया दास की हत्या के वक्त उसका सबसे छोटा भाई किशन कुमार महज 14 वर्ष का था। किशन जब वयस्क हुआ तो उसने भी स्वाभाविक तौर पर अपनी जमीन को हासिल करने की जुगत में था।

अपराधियों का नाम तक लेना नहीं चाह रहे हैं

सूत्र बता रहे हैं कि यह स्पष्ट है कि दीनबंधु की हत्या जमीन विवाद में ही की गई थी विकास की हत्या का कारण तात्कालिक रूप से जो भी रहा हो लेकिन उसकी हत्या के पीछे भी पर्चे में मिली जमीन ही थी। वर्तमान में भी उस जमीन पर आरोपियों का ही कब्जा है। परिजन इतने डरे सहमे हैं कि वह अपराधियों का नाम तक लेना नहीं चाह रहे हैं। दूसरी तरफ से शिव मंदिर में चोरी मामले में किशन की संलिप्तता के बिंदुओं पर भी पुलिस जांच कर रही है। मामले में 2 लोगों को नामजद किया गया है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है। गुरुवार को नवगछिया के एसपी सुशांत कुमार सरोज ने भी मामले में छानबीन की है।

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