काशी पंचांग के अनुसार जितिया व्रत 29 को, नहाय-खाय आज.. अमरूद व खीरा महंगा

संतान की दीर्घायु की कामना के लिए पुत्रवती महिलाएं 29 सितंबर को जीवितपुत्रिका (जितिया) व्रत करेंगी। नहाय-खाय मंगलवार को होगा। पर्व को लेकर विभिन्न गंगा घाटों में महिलाओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। श्री श्री १०८ दुर्गा मंदिर के पंडित सुभाष पाण्डेय ने बताया कि मिथला पंचांग के अनुसार नहाय खाय 28 सितंबर और व्रत 29 सितंबर को उदया तिथि के मान होने के कारण महिलाएं अष्टमी का व्रत करेंगी। पारण 30 सितंबर को होगा।

 


शास्त्रों में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जिउतिया, जीमूत वाहन अथवा जीवित्पुत्रिका व्रत करने का विधान है। कर्मकांडियों के अनुसार पहला दिन नहाय-खाय कहलाता है और इसके दूसरे दिन खर जितिया कहलाता है। इस बाबत दयानंद पाण्डेय ने कहा की अपने यहां कोई भी पर्व-त्योहार मिथला /वाराणसी पंचांग के अनुसार मनाया जाता है। जिसके तहत अष्टमी तिथि मंगलवार की अपराह्न 3 बजकर 03 मिनट से प्रारंभ होकर बुधवार की संध्या 4:54 बजे तक भोग कर रही है।

 

आचार्य ने कहा की जीवित्पुत्रिका व्रत का मान सूर्योदय ग्राह्य तिथि से है। इस कारण माता और पुत्र के इस अगाध प्रेम का पर्व आज मंगलवार को नहाय-खाय के साथ प्रारंभ होगा और अगले दिन बुधवार को संतान की सुरक्षा व स्वास्थ्य कल्याण के लिए चौबीस घंटे का निर्जला उपवास माता-बहनों द्वारा रखा जाएगा। वहीं, अगले दिन गुरुवार को सूर्योदय के पश्चात व्रत का पारण किया जाएगा।

व्रत रखने की विधि

आचार्य ने बताया कि सबसे पहले व्रती महिलाएं पवित्र होकर संकल्प के साथ प्रदोष काल में गाय के गोबर से पूजन स्थल की लिपाई करें। फिर, शालीवाहन राजा के पुत्र धर्मात्मा जीमूत वाहन की कुछ निर्मित मूर्ति स्थापित कर पीली व लाल रूई से उसे अलंकृत करें। मिट्टी या गाय के गोबर से चिल्होरिन (मादा चील) और सियारिन की मूर्ति बनाकर उसका मस्तिष्क लाल सिदूर से विभूषित कर दें। तत्पश्चात धूप, अक्षत, फूल, माला व विविध प्रकार की नैवेद्य सामग्री से पूजन प्रारंभ करें। श्रीराम पाठक ने कहा कि पूजन के बाद व्रत महत्व की कथा श्रवण करनी चाहिए। वहीं, इसके अगले दिन गुरुवार को दान पुण्य के साथ सूर्योदय बाद व्रत का पारण कर लें।

सतपुतिया का बढ़ा भाव, बिका 20 रुपए पाव

जिउतिया व्रत को लेकर सोमवार को बाजार में काफी चहल-पहल बनी हुई थी। एक तो सब्जियों की कीमत पहले से ही आसमान छू रही हैं। उसमें भी सप्ताह दिन पूर्व तक जो सतपुतिया 20 रुपए किलो के भाव बिक रही थी। वो आज सब्जी मंडी में विक्रेताओं द्वारा 20 रुपए पाव के भाव बेचा जा रहा था। सत्यदेवगंज व किला मैदान समीप सब्जी की खरीदारी कर रही बाजार समिति रोड की उषा सिंह, बैंक कालोनी की तारा शर्मा, बाबा नगर की आशा देवी आदि ने बताया की नहाय-खाय के दिन सतपुतिया की सब्जी विशेष रूप से बनाई जाती है। इसके उपरांत वे बुधवार को 24 घंटे का निर्जला उपवास रखेंगी। इस दौरान महिलाएं सब्जियों के साथ-साथ पूजन सामग्री, साड़ी, कपड़ा आदि की खरीदारी करने को लेकर बाजार में पहुंची हुई थी।

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