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थैंक्यू मंजुले! आपने सैराट को हिंदी में डब नहीं होने दिया, वरना धड़क नहीं आती

महाराष्ट्र के चर्चित फिल्मकार हैं नागराज मंजुले। अप्रैल 2016 में एक फिल्म लेकर आए थे-सैराट। जिसने भी देखी होगी, दिमाग से उतरी नहीं होगी। महाराष्ट्र में दो साल पीजी की पढ़ाई करने के दौरान थोड़ी बहुत मराठी समझ पाने का असली एडवांटेज जो मिला, वह यही था कि मैं फिल्म देख पाया। बिहार में रिलीज़ हुए बिना कैसे देखा, नहीं बताऊंगा।

मराठी भाषा में होने के बावजूद उस फिल्म ने वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड कायम किया था। चार करोड़ में बनी फिल्म 110 करोड़ की कमाई कर जाए, रिकॉर्ड तो बनेगा ना! वह भी केवल एक भाषा में होने के बावजूद। निर्देशक मंजुले ने इसे हिंदी में डब नहीं होने दिया, सही किया। उनके लिए धन्यवाद बनता है।

वैसे भी साउथ की कई हिंदी में डब फिल्में देखने के बाद मेरा मानना है कि हिंदी डबिंग से फिल्म की आत्मा मर जाती है। बाकी हिंदी में रिमेक फिल्मों का अलग ही असर होता है। निर्भर करता है कि बना कौन रहा है। उड़िया, कन्नड़, पंजाबी और बंगाली में सैराट की रिमेक आने के बाद अब यह फिल्म 20 जुलाई को हिंदी में आ रही है, धड़क नाम से! ट्रेलर रिलीज़ होते ही यूट्यूब पर एक नंबर पर ट्रेंड होने लगी।

अंतरजातीय प्रेम और ऑनर किलिंग पर आधारित फिल्म सैराट, महाराष्ट्र में सेट थी, तो वहीं फिल्म धड़क राजस्थान में। बद्रीनाथ की दुल्हनिया फेम निर्देशक शशांक खेतान खुद मारवाड़ से हैं और इसलिए उन्होंने फिल्म को राजस्थान के उदयपुर के पास मेवाड़ में सेट किया है। शाहिद कपूर के भाई इशान खट्टर की दूसरी और श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी की पहली फिल्म है।
अब एक बार ट्रेलर देख लीजिए, तब आगे की बात होगी

ओह्ह! क्या शानदार है न ट्रेलर? या…झिंगाट!

डायलॉग सुनके घणा सोना लगा न! गोलियों की रासलीला- रामलीला फिल्म की भाषा याद आई क्या? मेवाड़ी /राजस्थानी बोली। पूरी फिल्म देखकर और मजा आवेगा। सैराट के ट्रेलर ने भी उत्सुकता बढ़ाई थी। वहां महाराष्ट्र था, यहां राजस्थान। महाराष्ट्र में आर्ची थी, तो यहां राजस्थान में पार्थवी है। रिंकू राजगुरू ने आर्ची के किरदार के साथ किया है, वह कोई और शायद नहीं कर सकता। सैराट में पिछड़ी जाति का प्रेमी परश्या था, यहां मधु है। परश्या आर्ची के नहाने के दौरान कुएं में कूदा था, तो यहां मधु पार्थवी के नहाने के दौरान स्वीमिंग पुल में कूदता है। बाकी आर्ची की नैनों से बातें करने, डराने-धमकाने और प्यार करने की जो अदा थी, वह शायद पार्थवी में थोड़ी कम लगे।

पार्थवी के पिता की झलक में आशुतोष राणा शानदार फबेंगे। चलिए ज़्यादा बकवास नहीं, इंतज़ार कीजिए, मेरे साथ इस फिल्म का। क्या है न! एक तो ये है कि 24/7 वाली इस रूटीन जर्नलिज़्म वाली नौकरी में रविवार नहीं आता, लेकिन समय तो निकालना ही है, देखने-लिखने-पढ़ने के लिए। आदत ये रही है कि फिल्म देखने के बाद कुछ लिखूं न लिखूं, ट्रेलर देख कर ही लिखने का मन कर जाता है। बाकी, सराबोर करना चाहा था, बोर किया, तो सॉरी! जाते-जाते एक सवाल पे छोड़े जा रहा हूं।

क्या सैराट से ज्यादा धड़क पाएगी इसकी हिंदी रिमेक!

सैराट दिलो-दिमाग में छा जानेवाली फिल्म थी। धड़क को तो सैराट से कई गुणा ज्यादा दर्शक नसीब होंगे। ईशान अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्देशक मजीद मजीदी की फिल्म बियॉन्ड दि क्लाउड्स में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं, इसलिए यहां उनसे उम्मीद भी ज़्यादा बंध जाती है। ट्रेलर लांचिंग के दौरान एक शो में जाह्नवी खुद मान चुकी हैं कि आर्ची जैसे किरदार में जो कमाल रिंकू ने कर दिखाया, वह उनके लिए मुश्किल है। बावजूद ट्रेलर में जो थोड़ी बहुत झलक मिली, उसमें दिखता है कि निर्देशक ने उनसे बेहतरीन काम कराया है। अरे हां! अजय-अतुल के शानदार संगीत का जादू इसमें भी चलेगा। गाने के बोल अमिताभ भट्टाचार्या ने सुंदर लिखे हैं। बाकी, जिसके बिना फिल्म अधूरी रह जाती, हां! सही सोचा आपने, झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंगाट, झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंगाट, झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंगाट, झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग झिंग! बस मजा आ जाता है, सुनकर-देखकर। उम्मीद करते हैं कि फिल्म धड़क भी सैराट जैसा जादू कर जाए।

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