प्रमोद यादव हत्याकांड में बालेश्वर यादव को उम्रकैद

नवगछिया व्यवहार न्यायालय के एडीजे प्रथम मे चल रहा था मामला
24 जनवरी 1996 को अपराधियों ने कर दी थी प्रमोद यादव की हत्या
21 वर्ष हत्या के आरोपी पाए गए दोषी

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नवगछिया  : नवगछिया व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विजय बहादुर यादव की अदालत ने नवगछिया थाना क्षेत्र के रसलपुर निवासी प्रमोद यादव हत्याकांड मे परबत्ता थाना क्षेत्र के जगतपुर निवासी बलव उर्फ बालेश्वर यादव को भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 302 भा द वि एवं 27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा दी है. जानकारी के अनुसार भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 302 में उम्र कैद की सजा दी है. जबकि 27 आर्म्स एक्ट में पांच वर्ष कारावास पांच हजार रुपया अर्थदंड की सजा दी है. हत्याकांड में अभियोजन पक्ष से बहस में हिस्सा लिए अपर लोक अभियोजक देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले में कुल 9 लोगों ने गवाही दी. गवाहों के गवाही के बाद अभियुक्त बालेश्वर यादव को हत्याकांड में दोषी पाया गया. विदित हो कि 24 जनवरी 1996 को संध्या समय अपराधियों ने प्रमोद यादव को रसलपुर गांव जाने वाले  रास्ते में श्याम केडिया के बगीचे के पास घेर कर गोली मारकर हत्या कर दी थी. हत्या के बाद मृतक प्रमोद यादव के भाई जय कृष्ण कुमार यादव ने  नवगछिया थाना में हत्याकांड की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।प्राथमिकी में मील टोला के प्रकाश सिंह,रसलपुर के अरविंद यादव, जगतपुर के बालेश्वर यादव, प्रेम लाल यादव, सुभाष ठाकुर को नामजद अभियुक्त बनाया था.  हत्या कांड में बालेश्वर यादव को छोड़ कर बांकी अभियुक्त की मृत्यु पूर्व में हो चुकी है. पांचो अभियुक्तो में बालेश्वर यादव ही जीवित था.  न्यायालय ने सत्र वाद संख्या 412 /97 के तहत सुनवाई के दौरान अभियुक्त बालेश्वर यादव को दोषी पाया.

बस स्टैंड पर कब्जा जमाने को लेकर हुई थी प्रमोद यादव की हत्या

रसलपुर निवासी प्रमोद यादव की हत्या अपराधियों ने वर्चस्व की लड़ाई को लेकर कर दी थी. नवगछिया बस स्टैंड पर प्रमोद यादव व उनके भाई  विनोद यादव का कब्जा था. बस स्टैंड से होने वाली आय पर अन्य की बी नजर थी. प्रकाश सिंह, अरविंद यादव, सुभाष ठाकुर, बालेश्वर यादव, प्रेम लाल यादव भी बस स्टैंड पर अपना कब्जा जमाना चाह रहे थे.  इसको लेकर इन लोगों से  प्रमोद यादव का पुराना विवाद चल रहा था. बस स्टैंड पर अपना कब्जा जमाने के लिए सभी अभियुक्तों ने मिलकर प्रमोद यादव की हत्या कर दी थी.

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