कोसी दियारा का शातिर सिंटू यादव को पुलिस ने दबोचा, एक दर्जन से अधिक जघन्य मामलों में आरोपी है सिंटू

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खरीक : कोसी दियारा का मोस्टवांटेड कई मामलों में फरार चल रहे शातिर अपराधी खरीक थाना क्षेत्र के ढ़ोढ़िया दादपुर निवासी सिंटू यादव को खरीक पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उनके गांव से खदेड़ कर धर दबोचा है. मालूम हो कि सिंटू यादव आम्र्स एक्ट के एक मामले में सजायाप्ता भी रहा है. करीब दो वर्ष पहले सिंटू जेल से जमानत पर बाहर आया था. जमानत पर बाहर आते ही सिंटू ने फिर से कोसी दियारा में अपने आतंक के बल पर पैठ बना चुका था. कई किसानों भयभीत हो कर उसे रंगदारी देने भी लगे थे. पिछले दिनों भी सिंटू ने गांव के ही एक किसान ने जब सिंटू को रंगदारी नहीं थी तो उसने किसान को जमकर पिटाई कर दी थी. मामले की प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी. फिर कामरेड सुर्यनारायण की भी जबरदस्त पिटाई कर दी थी. जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण नवगछिया एसपी पंकज सिंहा के पास पहुंच कर सिंटू की गिरफ्तारी करने की मांग की थी. इसके बाद से एक बार फिर सिंटू पुलिस के टाॅप टारगेट पर था. सिंटू को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है. रविवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि सिंटू यादव छठ के अवसर पर गांव आया हुआ है. इसके बाद नवगछिया के एसपी स्तर से गठित टीम के द्वारा सिंटू यादव की घेराबंदी कर ली. इसके बाद पुलिस को चकमा दे कर सिंटू यादव बहियार की ओर भागने लगा. लेकिन खरीक थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह के नेतृत्व में पुलिस बलों ने सिंटू यादव को खधेड़ कर धर दबोचा. छापेमारी में खरीक थानाध्यक्ष अनि जयप्रकाश सिंह, खरीक थाना के अनि डी मिश्रा, अनि रामेश्वर पंडित के साथ अन्य पुलिस बल भी शामिल थे. नवगछिया के एसपी पंकज सिंहा ने सिंटू यादव से सघन पूछ ताछ की है.

पूर्व मुखिया पुत्र की हत्या के बाद अपराध की दुनियां में खुल कर आया था सिंटू

ढोढिया दादपुर के पूर्व मुखिया जगरूप पासवान के पुत्र अरुण पासवान की हत्या वर्ष 2012 में 29 जनवरी को कर दी थी. इसके बाद सिंटू यादव अपराध की दुनियां में खुल कर आया गया. वर्ष 2012 में ही जब कोसी दियारा के अपराधियों ने नारायणपुर से कदवा तक घ्रुवीकरण की राह पर अमल करना शुरू किया तो सिंटू को खरीक कोसी दियारा की कमान दी गयी. उस समय काफी मशक्कत के बाद सिंटू को खरीक पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पायी थी. मालूम हो कि सिंटू यादव और गोपालपुर थाना क्षेत्र के लत्तरा निवासी शातिर छोटुवा यादव के बीच भांजे और मामा का संबंध है. कहा जा रहा है कि छोटुवा के सोहबत में ही रह कर सिंटू ने अपराधी की दुनियां में कदम रखा. इन दिनों कोसी दियारा के ग्रामीण सिंटू यादव के आंतक से भयभीत थे. दियारा इलाके की उपजाउ जमीन पर गिद्ध दृष्टि थी. सिंटू ने करीब सौ एकड़ जमीन पर कब्जा भी कर लिया था. इन दिनों सिंटू गांव में किसी की भी खुले आम पिटाई करने लगता था. मालूम हो कि शातिर सिंटू खरीक थाना कांड संख्या 11/10 में गोली मार कर हत्या का प्रयास करने के मामले में आरोपी है.  खरीक थाना कांड संख्या 12/11 18 जनवरी 2011 को आम्र्स एक्ट मामले में आरोपी है. खरीक थाना कांड संख्या 13/12 में अरुण पासवान की हत्या के मामले में आरोपी है. निचली अदालत से इस मामले में सिंटू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा प्राप्त है. खरीक थाना कांड संख्या 246/11 में रंगदारी नहीं देने पर हत्या का प्रयास करने का आरोप है. खरीक थाना कांड संख्या 234/11 मारपीट के मामले में आरोपी है. खरीक थाना कांड संख्या 45/13 में आम्र्स एक्ट मामले में आरोपी है. खरीक थाना कांड संख्या 51/15 के मामले में जान मारने का प्रयास करने के मामले में आरोपी है. खरीक थाना कांड संख्या 123/16 में आम्र्स एक्ट मामले में आरोपी है. खरीक थाना कांड संख्या 124/16 में मारपीट मामले में आरोपी है. आशंका है कि खरीक थाने के अलावा मधेपुरा जिले के सीमावर्ती थानों में सिंटू के विरुद्ध मामले दर्ज हो सकते हैं. पुलिस इसके लिए पड़ताल कर रही है. सिंटू की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है.

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