कदवा में मध्याह्न भोजन को लेकर छात्रों ने किया हंगामा

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ढोलबज्जा : नवगछिया प्रखंड के कोसी पार कदवा दियारा पंचायत के मवि कासीमपुर कदवा में, मंगलवार के दिन करीब 1:30 बजे मध्याह्न भोजन में अनियमितता को लेकर सभी छात्र-छात्राओं ने मिल जमकर हंगामा किया. हंगामा का मुख्य कारण – बच्चों के थाली में खाने के लिए घठीया भोजन परोसे गए थे. जिसमें चावल और पानी की तरह पतला आलू के सब्जी के साथ काफी कम मात्रा में सोयाबीन था. जिसे देख बच्चों गुस्सा फूट पडा और वे आक्रोशित होकर, परोसे गए भोजन को खाने के बजाय विद्यालय प्रभारी को देखाने के लिए उसके कार्यालय के अंदर-बाहर फेंक हंगामा करने लगा. हंगामे की आवाज सुनकर दर्जनों ग्रामीण जब विद्यालय पहुंचा तो देखा बच्चों को खाने के लिए दिया गया भोजन हर जगह फेंका पडा है. बच्चे के लिए खाद्य सामग्री वाला भंडार रूम भी गंदगी से भरा हुआ था. सभी छात्र प्रधानाध्यापक को बुलाने की मांग कर रहे हैं. रसोईया संजूला देवी, अनिता देवी, बबीता देवी व समतोला देवी ने बतायी- करीब 150 बच्चों पर 17 किलो चावल 8 किलो आलू व 1 किलो सोयाबीन हमलोगों को बनाने के लिए मिला था. सब्जी थोडा पतला बन जाने व उसमें सोयाबीन कम पढने से बच्चों को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाने से छात्रों ने ऐसा किया. वहीं छात्रा नीधी कुमारी, मधु कुमारी, आयूषी कुमारी, किरण कुमारी व छात्र सौरव कुमार ने बताया- सब दिन हमलोगों को ऐसा ही भोजन बनाकर खाने को दिया जाता है. कभी दाल कच्चे तो कभी नमक हीं ज्यादा वहीं कक्षा 8 की छात्र जयचंद कुमार व पुष्पा कुमारी ने विद्यालय में उपस्थित शिक्षिका पूनम सिन्हा व सुभद्रा कुमारी पर आरोप लगाते हुए बोली कि- ये दोनों शिक्षिका को जब हमलोग कहने गए तो उल्टे मारने के लिए दौर पडी और बोली खाना है तो खा लो नहीं तो भागो. घर में खाने के लिए नहीं मिलती है जो यहाँ दौड कर आती है. ग्रामीण विन्देश्वरी सिंह, रशीक, प्रसादी, मिथिलेश, सचिदानंद, रोबिन कुमार व अन्य लोगों ने बताया- कभी भी विद्यालय समय पर नहीं खुलते हैं न तो बच्चे को सही भोजन मिलते हैं. पदाधिकारी लोग जांच करने आते हैं फिर भी सब डंडे वस्ते में पड जाते हैं. वहीं विद्यालय प्रधानाध्यापक उदय कुमार से पूछे जाने पर बताया- बच्चों के उपस्थिति को देख मीनू के मुताबिक  चावल, आलू व सोयाबीन की पर्याप्त मात्रा रसोईया को देकर, मैं सीआरसी मीटिंग में चला गया था. यहाँ रहता तो ऐसा नहीं होता. मैं बच्चों के प्रति संवेदनशीलत हूँ. मैं ये नहीं चाहता कि बच्चे को संतुलित भोजन नहीं मिले. ऐ सब मेरे गैरहाजीरी के कारण हुआ. उक्त बातों की जानकारी नवगछिया बीईओ दिनेश प्रसाद को नहीं मिल पायी है. जानकारी मिलते हीं  उन्होंने विद्यालय प्रधानाध्यापक पर कडी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है.

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