500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों को बंद करने के यह निर्णय प्रथम दृष्टी में सही: अरुण यादव

img-20161111-wa0005

भागलपुर : युवा राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 500 रूपये और 1000 रूपये के नोटों को बंद करने के यह निर्णय प्रथम दृष्टी में सही लेकिन बैंक डाकघर द्वारा नोटों की निकासी और नोटों को जाम व बदले की व्यवस्था गलत। नरेंद्र मोदी जी के इस निर्णय से सामान्य और कमजोर लोगों को बहुत असुविधा और परेशानी हो रही है। जबकि रसूखदार और ताकतवर लोग इस अवस्था में भी अपना काम आसानी से कर रहे है । आज बैंक या डाकघरो के सामने आम आदमी,किसान,मजदूर,छोटे दुकानदार,लाइन में लगे नजर आते है और परेशानियों का सामना करना पड़ता है । इसलिए आज भी खास वर्ग के लोगो को कोई परेशानी नही हो रही है वो लोग आज भी अपना जुगाड़ बैठने में सफल है ।
इस इस तरह के निर्णय लेने के पहले पीएम नरेंद्र मोदी जी को आम आदमी ,कमजोर तपके के लोगो के हित व ध्यान में रखकर नोट,बदलने या बैंक निकासी की व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त करनी चाहिए थी ।
केंद्र सरकार के 500 और 1000 वाले रूपये को बंद करने के फैसले से देश के अंदर नौकरशाहों ,टेक्स चोरी करने वाले बड़े व्यपारी से लेकर अवैध करोवारी माफियाओ के काला धन वापस नही आने वाले है । क्योकि कोई भी वर्षो की कली कमाई नोटों के रूप में नही रखते है । इन काला धन को अलग-अलग तरीके से सुरक्षित रखना जानते है ।इस लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के इस निर्णय से केवल 500 और 1000 के नोटों को समाप्त करने से देश में जमा सारा धन बाहर आ जाएगा ऐसा कहना या दावा करना केंद्र सरकार द्वारा लोगों की आँख में धूल झोंकना है। उलटे नरेंद्र मोदी जी के इस निर्णय से सामान्य और कमजोर लोगों को बहुत असुविधा और परेशानी हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: भाई जी कॉपी नय होतोन .......