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Published On: Wed, Jul 10th, 2019

16 और 17 जुलाई की मध्यरात्रि काे लगेगा खंडग्रास चंद्रग्रहण… पूरे भारत में देगा दिखाई

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सावन में इस बार कई संयाेग बन रहे हैं। 125 साल बाद एक अगस्त काे हरियाली अमावस्या पर इस बार पंच महायाेग का संयाेग बन रहा है। इस दिन पहला सिद्धि याेग, दूसरा शुभ याेग, तीसरा गुरु कुस्या मृत याेग, चाैथा सर्वार्थ सिद्धि याेग अाैर पांचवां अमृत सिद्धि याेग का संयाेग है। भागवान शिव के खास दिन माने जाने वाले साेमवार काे नागपंचमी है। इस बार नागपंचमी का विशेष महत्व है। सालाें बाद स्वतंत्रता दिवस अाैर रक्षाबंधन एक ही दिन होगा।

सावन मास प्रारंभ हाेने के पूर्व ही खंडग्रास चन्द्रग्रहण हाेगा। यह चन्द्र ग्रहण पूरे भारत में दिखार्इ देगा। सावन का शुभारंभ 17 जुलार्इ से हाे रहा है। इस दिन वज्र अाैर विष कुंभ याेग बन रहा है।

बूढ़ानाथ मान मंदिर के पंडित रमेश झा ने बताया कि इस बार 30 दिन का सावन है। चार साेमवार अाएंगे। तीसरे साेमवार काे त्रियाेग का संयाेग है, जाे विशेष फलदायी हाेगा। सावन मास प्रारंभ हाेने के पूर्व 16 व 17 जुलार्इ की रात मध्यरात्रि काे खंडग्रास चन्द्रग्रहण समग्र भारत वर्ष में दिखार्इ देगा। अास्ट्रेलिया, उत्तरी-दक्षिणी एशिया, अफ्रिका, यूराेप के अधिकांश भाग व दक्षिणी अमेरिका में ग्रहण दिखार्इ देगा। ग्रहण का सूतक 16 जुलार्इ काे दाेपहर 4:32 बजे से हाेगा। ग्रहण स्पर्श 17 जुलार्इ काे रात्रि 1:32 बजे, ग्रहण मध्यकाल 3:1 मिनट व माेक्ष 4:30 मिनट पर हाेगा।

साेमवार को नागपंचमी, ग्रहाें की शांति के लिए सर्वेात्तम

नागपंचमी 5 अगस्त साेमवार काे हाेने से विशेष याेग लेकर अा रहा है। इससे पहले सावन मास में साेमवार काे नागपंचमी का संयाेग 16 अगस्त 1999 में बना था अाैर अब 21 अगस्त 2023 काे यह संयाेग फिर बनेगा। सावन मास में अधिकमास हाेने से सावन मास दाे माह का रहेगा। 8 साेमवार अाएंगे। नागपंचमी पर साेमवार की युक्ति अनिष्ट ग्रहाें की शांति हेतु सर्वेात्तम मानी जाती है।

सावन में इस बार कई संयाेग बन रहे हैं। 125 साल बाद एक अगस्त काे हरियाली अमावस्या पर इस बार पंच महायाेग का संयाेग बन रहा है। इस दिन पहला सिद्धि याेग, दूसरा शुभ याेग, तीसरा गुरु कुस्या मृत याेग, चाैथा सर्वार्थ सिद्धि याेग अाैर पांचवां अमृत सिद्धि याेग का संयाेग है। भागवान शिव के खास दिन माने जाने वाले साेमवार काे नागपंचमी है। इस बार नागपंचमी का विशेष महत्व है। सालाें बाद स्वतंत्रता दिवस अाैर रक्षाबंधन एक ही दिन होगा।

सावन मास प्रारंभ हाेने के पूर्व ही खंडग्रास चन्द्रग्रहण हाेगा। यह चन्द्र ग्रहण पूरे भारत में दिखार्इ देगा। सावन का शुभारंभ 17 जुलार्इ से हाे रहा है। इस दिन वज्र अाैर विष कुंभ याेग बन रहा है।

बूढ़ानाथ मान मंदिर के पंडित रमेश झा ने बताया कि इस बार 30 दिन का सावन है। चार साेमवार अाएंगे। तीसरे साेमवार काे त्रियाेग का संयाेग है, जाे विशेष फलदायी हाेगा। सावन मास प्रारंभ हाेने के पूर्व 16 व 17 जुलार्इ की रात मध्यरात्रि काे खंडग्रास चन्द्रग्रहण समग्र भारत वर्ष में दिखार्इ देगा। अास्ट्रेलिया, उत्तरी-दक्षिणी एशिया, अफ्रिका, यूराेप के अधिकांश भाग व दक्षिणी अमेरिका में ग्रहण दिखार्इ देगा। ग्रहण का सूतक 16 जुलार्इ काे दाेपहर 4:32 बजे से हाेगा। ग्रहण स्पर्श 17 जुलार्इ काे रात्रि 1:32 बजे, ग्रहण मध्यकाल 3:1 मिनट व माेक्ष 4:30 मिनट पर हाेगा।

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