भागलपुर : कोरोना या किसी भी वायरस से शरीर की रक्षा करने में विटामिन सी कारगर – डॉ. जेता सिंह

भागलपुर : कोरोना या किसी भी वायरस से शरीर की रक्षा करने में विटामिन सी कारगर है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। ऐसा होने से कोई वायरस शरीर पर हावी नहीं हो पाता है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में भी विटामिन सी को शरीर के लिए अहम माना गया है। प्राकृतिक चिकित्सक इसकी कमी को शरीर के लिए नुकसानदेह मानते हैं। इस कमी को मौसमी और खट्टे फलों के सेवन से दूर किया जा सकता है। कोरोना से बचाने के लिए अब तक कोई दवाई नहीं बन पाई है, न ही इसकी वैक्सीन ही उपलब्ध है। ऐसे में विटामिन सी के सेवन से हम कोरोना के संक्रमण अंकुश लगा सकते हैं।

विटामिन सी इसलिए है जरूरी

-विटामिन सी की कमी के कारण शरीर के अंदर मौजूद सूक्ष्म और बड़ी रक्त नलिकाओं के अंदर वसा जमा हो जाता है। जिससे रक्त प्रवाह में बाधा आएगी जो शरीर को आघात पहुंचा देगा।

-रक्त नलिकाओं की दीवार की रखरखाव और मरम्मत में विटामिन सी की अहम भूमिका होती है।

-विटामिन सी शरीर में मौजूद कोलेजन (प्रोटीन सेल) को पुष्ट करता है। यह शरीर को निरोग रखता है। कोलेजन की कमी से समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण आने लगते हैं।

-शरीर को किसी भी संक्रमण से बचाने का काम विटामिन सी का है। इसमें कॉपर भी सहायक होता है।

-विटामिन सी शरीर में कभी भी ज्यादा नहीं हो सकता। क्योंकि आवश्यकता से अधिक सेवन करने पर शरीर उसे मल-मूत्र के जरिए खुद विसर्जित कर देती है।

क्या है वायरस

किसी भी जीवित शरीर के दोषयुक्त प्रोटीन सेल्स से ही वायरस का निर्माण होता है। वायरस को नष्ट करने की क्षमता मात्र विटामिन सी में होती है। कॉपर भी इसमें कारगर होता है। जब तक वायरस को मारने की दवा विकसित की जाती है तब तक वायरस म्युटेशन के जरिये अपनी अगली पीढ़ी तैयार कर लेता है। इस कारण दवा असरदार नहीं होती।

नींबू, संतरा, मौसंबी, माल्टा, कीनू, अनानास, आम, सेब, कीवी, टमाटर, चेरी और स्ट्रॉबरी आदि फलों में विटामिन सी की मात्रा भरपूर होती है। इसलिए इन फलों का सेवन फायदेमंद है। प्रकृति में मौजूद जिन फलों और सब्जियों में खट्टापन हो उसका सेवन करना चाहिए।

अब तक एचआइवी या सर्दी जुकाम की कोई वैक्सीन अब तक नहीं बन पाई है। कोरोना वायरस की वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी इस पर अनुमान ही लगाया जा सकता है, लेकिन विटामिन सी वायरस से लडऩे में असरदार है। यह किसी भी वायरस को नष्ट कर सकता है। इसी खोज के लिए लाइनस पोलिन को नोबल पुरस्कार मिला था। – डॉ. जेता सिंह, प्राकृतिक चिकित्सक, भागलपुर

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error: भाई जी कॉपी नय होतोन .......