बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा में फेल छात्रों को ग्रेस मार्क्स देकर किया पास, परीक्षा कराना नहीं था संभव

पटना : बिहार बोर्ड ने इंटरमीडिएट और मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2020 में एक या दो विषय में फेल स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स देकर पास कर दिया गया. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने गुरुवार को रिजल्ट भी जारी कर दिया. स्टूडेंट्स बोर्ड के वेबसाइट पर रिजल्ट देख सकते हैं. बोर्ड ने कहा कि छात्र हित में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2020 में एक या दो विषयों में फेल वैसे स्टूडेंट्स जो इंटर और मैट्रिक की कंपार्टमेंटल परीक्षा 2020 में शामिल हो सकते थे, को एक बार के लिए अपवाद स्वरूप कुछ अतिरिक्त ग्रेस अंक देकर पास कर दिया गया है.

पास करने का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजा गया था, जिस पर शिक्षा विभाग ने सहमति प्रदान कर दी. इसी क्रम में गुरुवार को शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा की ओर से मैट्रिक एवं इंटर की कंपार्टमेंटल परीक्षा 2020 में सम्मिलित होने के लिए पात्र स्टूडेंट्स में से अतिरिक्त अंकों का ग्रेस पाकर उत्तीर्ण हुए स्टूडेंट्स की सूची बोर्ड के वेबसाइट onlinebseb.in पर जारी कर दी गयी है. इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन, बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर भी उपस्थिति थे.

72,610 स्टूडेंट्स इंटर में और 1,41,677 स्टूडेंट्स मैट्रिक में ग्रेस अंक पा कर हुए सफल

इंटर में कुल 1,32,486 स्टूडेंट्स जो फेल थे तथा कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल हो सकते थे, उनमें से कुल 72,610 स्टूडेंट्स अतिरिक्त ग्रेस अंक पाकर सफल हुए हैं, जो कुल 54.81 प्रतिशत है. इसी प्रकार मैट्रिक में कुल 2,08,147 स्टूडेंट्स जो फेल थे तथा कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल हो सकते थे, उनमें से कुल 1,41,677 स्टूडेंट्स अतिरिक्त ग्रेस अंक पाकर उत्तीर्ण हुए हैं, जो कुल 68.07 प्रतिशत है.

मंत्री ने कहा कि यह निर्णय स्टूडेंट्स के हित में लिया गया है. क्योंकि समिति द्वारा आयोजित कंपार्टमेंटल परीक्षाओं में जो विद्यार्थी सफल हो जाते हैं, वे उसी सत्र में एडमिशन लेते हैं. इस तरह राज्य सरकार द्वारा लिए गये इस निर्णय से लाखों स्टूडेंट्स लाभांवित होंगे और कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण उनका एक वर्ष खराब नहीं होगा.

बोर्ड ने निर्धारित किया ग्रेस मार्क्स, उसमें शामिल होने वाले स्टूडेंट्स सफल

मैट्रिक या इंटर में एक या दो विषयों में फेल रहने वाले स्टूडेंट्स कंपार्टमेंटल परीक्षाओं में शामिल होने के लिए पात्र होते हैं. इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 46,005 स्टूडेंट्स एक विषय में तथा 86,481 स्टूडेंट्स दो विषयों में फेल थे. दोनों को मिलाकर कुल 1,32,486 स्टूडेंट्स फेल थे. जो इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र थे. इसी तरह मैट्रिक में कुल 1,08,459 स्टूडेंट्स एक विषय में तथा 99,688 स्टूडेंट्स दो विषयों में फेल थे, दोनों मिलाकर कुल 2,08,147 स्टूडेंट्स फेल थे.

दो-तीन महीने के अंदर परीक्षा कराना नहीं था संभव

बोर्ड ने कहा कि इस वर्ष इंटर व मैट्रिक में कंपार्टमेंटल परीक्षा में शामिल होने का अवसर स्टूडेंट्स को मिलता. लेकिन, कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के चलते अगले दो-तीन माह के अंदर कंपार्टमेंटल परीक्षा कराना संभव नहीं होता. इस कारण परीक्षाफल का प्रकाशन नवंबर या दिसंबर तक हो सकता था. इस कारण स्टूडेंट्स को कोई फायदा नहीं मिलता. सभी शिक्षण संस्थानों में एडमिशन प्रक्रिया समाप्त हो जाती और ऐसे स्टूडेंट्स के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता. इस कारण बोर्ड ने निर्धारित ग्रेस मार्क्स अपवाद स्वरूप केवल इसी बार के लिए तय किया और इस दायरे में आने वाले स्टूडेंट्स सफल हुए.

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