बिहार : नियोजित शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने पीटा, दिव्यांग को भी नहीं छोड़ा

गर्दनीबाग धरना स्थल पर धरना दे रहे नियोजित शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। इसमें कई अभ्यर्थी घायल हो गए हैं। घायल अभ्यर्थियों को गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धरना स्थल पर अचानक हुई लाठीचार्ज से अफरातफरी मच गई। विरोध कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने जमकर पीटा है। कुछ अभ्यर्थियों के सिर भी फूटे हैं, कई के हाथ में चोट आई है।कड़ाके की ठंड में भी गर्दनीबाग धरना स्थल पर नियोजित शिक्षक अभ्यर्थी डटे हुए थे। मंगलवार की रात नियोजित शिक्षक अभ्यर्थियों की फिर से गुप्त जगह पर बैठक होगी। इसमें आगे आंदोलन को कैसे ले चलना है, इस पर फैसला लिया जाएगा।

क्या बोले नियोजित शिक्षक अभ्यर्थी

संगठन के औरंगाबाद जिलाध्यक्ष इंद्रजीत कुमार ने कहा कि सोमवार से ही अनुमति लेकर धरना दे रहे थे। टेंट के अंदर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे हुए थे। करीब 3:30 बजे सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए। दोनों दरवाजा पुलिस ने बंद कर दिया। वे टेंट में घुसकर पिटने लगे। इसके बाद लोगों को जहां रास्ता मिला, उधर भागने लगा। कई लोगों का मोबाइल भी छूट गया, उनका सामान टेंट में ही रह गया। पुलिस सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पिटाई करती रही। महिला अभ्यर्थियों को भी पुलिस ने पीटा है। करीब 25 लोग घायल हुए हैं। दिव्यांग को भी पुलिस ने नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग निजी अस्पतालों में भी भर्ती हुए हैं। औरंगाबाद से आई वंदना कुमारी ने कहा कि धरना देने के दौरान पुलिस पहुंच गई और लाठियां बरसाने लगी। मैं कैसे अस्पताल पहुंची, ये पता नहीं चला। सरकार हमारी दर्द को नहीं समझ रही है। प्रशासन क्यों आगे आ रही है। लाठियां बरसाई गई है, उसका जवाब कौन देगा। लाठीचार्ज के बावजूद पीछे नहीं हटनेवाले हैं। सरकार से ओपेन कैंप की मांग बरकरार रहेगी, चाहे जान ही क्यों न चली जाए।

ऐसा हुआ तो सीएम को घर से निकलने नहीं देंगे

इससे पहले गर्दनीबाग धरना स्थल पर पहुंचे राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बजट सत्र छोटा किया गया तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को को घर से निकलने नहीं देंगे, सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। वहीं, नियोजित शिक्षक अभ्यर्थियों के बारे में बात करते हुए कहा कि बिहार में शिक्षकों को सरकार ने न जाने क्या समझ रखा है। शिक्षक पढ़ायेंगे, वही जनगणनना भी करेंगे, वही खिचड़ी बनवाएंगे और चुनाव भी कराएंगे। शिक्षकों को पढ़ाई के सिवा सभी कामों से मुक्त करे सरकार। शिक्षा मंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके परिजन पर गंभीर आर्थिक आरोप लगे हैं। सीबीआई जांच चल रही है। उससे आहत होकर वे शिक्षकों के बारे में अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं।

इसलिए अभ्यर्थियों में नाराजगी

करीब पांच हजार अभ्यर्थी बिहार के विभिन्न जिलों से पटना आए हुए हैं। प्रारंभिक शिक्षक नियोजन के लिए काउंसिलिंग की तिथि जारी करने के बजाय उसमें लगातार विलंब किया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द बहाली नहीं की गई तो आत्मदाह कर लेंगे। ये अभ्यर्थी BTET/CTET उत्तीर्ण हैं। इन्हें डर है कि सरकार पूरी प्रक्रिया को पंचायत चुनाव में उलझा रही है।

शिक्षामंत्री के खिलाफ नारेबाजी
अभ्यर्थियों ने सरकार की नीति के खिलाफ भिक्षाटन भी किया। धरनास्थल पर बैठे कई अभ्यर्थियों के हाथ में पोस्टर दिखा कि- जल्द बहाली नहीं होने पर आत्मदाह करेंगे। अन्य शिक्षकों के हाथ में ‘ करो या मरो बहाली से कुछ कम नहीं’, ‘हम मर जाएंगे लेकिन बहाली लेकर रहेंगे, और ‘ पंचायत चुनाव से पहले करो बहाली’ वाले पोस्टर दिख रहे हैं। बीच-बीच में सरकार और शिक्षामंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की।

38 जिले से पहुंचे हैं अभ्यर्थी
कई महिलाएं भी महाआंदोलन में आई हुई हैं। सीतामढ़ी की विद्या लक्ष्मी अपने 6 साल के बच्चे के साथ यहां आई हुई हैं। अपने बच्चे को पटना के एक संबंधी के यहां रखकर धरना स्थल पर धरना दे रही हैं। सीवान की सीमा कुमारी, सीतामढ़ी की नीतू सिंह, सविता कुमारी, अनामिका, दरभंगा से पूनम कुमारी, हाजीपुर से चंदा कुमारी जैसी कई महिलाएं भी पटना आकर धरना पर बैठी हैं। पुरुषों में बिहार के 38 जिलों से कोई न कोई अभ्यर्थी जरूर पहुंचा हुआ है।

अभ्यर्थियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़
ठंड की वजह से प्रदर्शनकारियों को कंबल आदि लेकर आना पड़ा था। खाने का कोई अच्छा इंतजाम नहीं था, इसलिए मंगलवार की सुबह का नाश्ता लिट्टी चोखा करते दिखे थे। सोमवार की रात धरना स्थल के पास ही भोजन बनवाया गया था। बिहार TET-2017/CTET उत्तीर्ण अभ्यर्थी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने भास्कर से बातचीत में कहा कि हमसबों ने शिक्षा विभाग में अफसरों से लेकर मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचाई। लेकिन इस बहाली पर कोई सीरियस नहीं है। लगभग दो लाख अभ्यर्थियों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

ये है अभ्यर्थियों की मुख्य मांग
-जिला स्तर पर ओपेन कैंप के माध्यम से काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र वितरण करने संबंधी शिड्यूल जल्द से जल्द जारी किया जाए।
– काउंसिलिंग और नियुक्ति पत्र वितरण के उपरांत प्रमाण-पत्र की जांच की जाए और उसके बाद स्कूल में योगदान कराया जाए।

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