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Published On: Fri, Dec 28th, 2018

नववर्ष मंगल से शुरू होकर मंगल को ही समाप्त, राजा शनि तो मंत्री होंगे सूर्य, …जानें क्या प्रभाव?

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नवगछिया : साल 2018 की विदाई की बेला है. नये साल के स्वागत की तैयारिया शुरू हो गयी हैं. इस बार साल की शुरुआत मंगलवार से होगी और अंतिम दिन 31 दिसंबर भी मंगलवार होगा. इसके अलावा वर्ष में चार सूर्य और चंद्र ग्रहण पड़ेंगे. हालांकि, इनमें से दो अप्रभावी हैं. नये साल में गुरु 10 अप्रैल को वक्री होगा और 11 अगस्त को मार्गी होगा. इसी तरह शनि 30 अप्रैल को वक्री और 18 सितंबर को मार्गी होगा. बुध पांच मार्च को वक्री होगा. पूरे साल में बुध तीन बार वक्री और तीन बार मार्गी होगा.

वहीं, गुरु की स्थिति वृश्चिक राशि में साल के अंत तक रहेगी. नया साल मंगलवार को राहु प्रधान नक्षत्र से शुरू हो रहा है और समापन भी मंगलवार को राहु प्रधान नक्षत्र में ही होगा. वर्ष भर गुरु वृश्चिक राशि में रहेंगे और साल के अंत में अपनी राशि बदलेंगे. छह अप्रैल को हिंदू नववर्ष शुरू होगा. इसके राजा शनि और मंत्री सूर्य रहेंगे. ग्रहों की चाल बताती है कि इससे लोगों को निजी जिंदगी में लाभ मिलेगा. वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर प्राकृतिक आपदाएं और राष्ट्रों के बीच तनाव पैदा होने की आशंका भी रहेगी. जिन लोगों का लंबे समय से प्रमोशन नहीं हुआ है, या जो किसी वजह से लंबे समय से परेशान हैं, उनके लिए यह नया साल काफी अच्छा रहेगा. उनकी तमाम परेशानिया दूर होंगी.

एकादशी को शुरू हो रहा नववर्ष

शादियों की बात करें, तो करीब 49 शुभ मुहूर्त पड़ेंगे. वर्तमान वर्ष में शादियों के 26 मुहूर्त ही मिले. इस बार अधिमास से कई त्योहारों की तिथियों पर असर पड़ा. राहत यह है कि नये साल में एक भी अधिमास नहीं होगा. ज्योतिषाचार्य पं दयानंद पाण्डेय का कहना है कि साल की शुरुआत पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी से होगी. इस दिन सफला एकादशी भी है. साथ ही साथ राहु प्रधान स्वाति नक्षत्र है.

जनवरी में ही होगा सूर्य ग्रहण और चंद्रग्रहण

नये साल की शुरुआत सूर्य ग्रहण से होगी. पांच जनवरी को पहला सूर्यग्रहण है. हालांकि, यह भारत में अप्रभावी रहेगा. दूसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगेगा, जो भारत में दिखेगा. नये साल में पहला चंद्र ग्रहण 21 जनवरी को लगेगा. दूसरा चंद्रग्रहण 16 जुलाई और 17 जुलाई बीच होगा, जो भारत में दिखेगा.

मां आराधना से दूर होंगी परेशानियां

धर्मशास्त्र विशेषज्ञ पं प्रभु दुबे का कहना है कि नया साल शुभ हो, इसके लिए मां की आराधना करें. साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को सुबह हल्दी के जल से स्नान करें. भगवान शिव का अभिषेक करें फिर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. पाठ नहीं कर सकते, तो श्रवण भी कर सकते हैं. साथ ही मां भगवती की आराधना से धन, ऐश्वर्य, सुख, शांति बनी रहेगी.

किस राशि के जातकों के लिए कैसा होगा नया साल

मेष : आर्थिक उन्नति, पारिवारिक और सामाजिक स्थिति मध्यम.

वृष : लाभप्रद, ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी, भाग्य साथ देगा.

मिथुन : मांगलिक कार्य, अनुकूल स्थिति. घर में शांति का योग.

कर्क : आर्थिक राहत, कर्ज से मुक्ति, भूमि-वाहन योग.

सिंह : प्रतिष्ठा में वृद्धि, संतान पक्ष को सफलता.

कन्या : मांगलिक कार्य. संतान की उन्नति.

तुला : सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता बढ़ेगी.

वृश्चिक : व्यापार विस्तार, लक्ष्य प्राप्ति.

धनु : स्थान परिवर्तन, अनुकूल स्थिति.

मकर : उन्नति, संतान प्राप्ति. आर्थिक पक्ष मजबूत.

कुंभ : मनोरथ पूरे होंगे, नौकरी में प्रमोशन, घर में समृद्धि.

मीन : भाग्य का पूरा साथ, घर बनाने का योग, संतान प्राप्ति.

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