" />
Published On: Mon, May 13th, 2019

नवगछिया : हरिओ गांव में फिर एक बार गैंगवार में पलटा की गयी जान -Naugachia News

adv

नवगछिया : हरिओ गांव में फिर एक बार गैंगवार में एक कुख्यात पलटा सिंह मारा गया लेकिन परिजन एवं ग्रामीण कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। कुख्यात पलटा करीब दो दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। उस पर दर्जनों हत्या, लूट, रंगदारी एवं आर्ट्स एक्ट आदि के मामले दर्ज हैं। | वहीं 90 के दशक में हरिओ में कुख्यात तुतली सिंह बोलबाला था। उसकी हत्या के बाद गिरोह की कमान उसके भतीजे निरंजन सिंह ने संभाला। कुख्यात पलटा भी निरंजन सिंह की गिरोह में काम करता करता था।

हरिओ में आपसी गैंगवार में अबतक कई लाशें गिर चुकी हैं। हरिओ गैंगवार की घटना में कुख्यात निरंजन सिंह, गिरीश सिंह, मनोज सिंह, विवेका सिंह, सुरेंद्र सिंह, पवन पासवान, देवा सिंह की हत्या हो चुकी है। दूसरे के घर में सोया था पलटाः पलटा गांव के वार्ड नंबर नौ निवासी धर्मेन्द्र सिंह उर्फ बेचन सिंह के अर्धनिर्मित घर के किचन की छत पर सोया था।

रविवार की सुबह सात बजे तक घर नहीं पहुंचने पर भाई सिकंदर एवं पुत्र चंदन सिंह ने खोजना शुरू किया तो देखा की मच्छरदानी में लिपटा पलटू सीढ़ी के नीचे गिरा हुआ है। परिजनों ने जैसे ही शव को देखा चीत्कार मार कर रोने व लगे। सूचना पर इंस्पेक्टर नर्मदेश्वर सिंह चौहान, बिहपुर थानाध्यक्ष रणजीत कुमार, झंडापुर ओपी प्रभारी पंकज कुमार, नदी थाना अध्यक्ष दिलीप कुमार, भवानीपुर ओपी प्रभारी नीरज कुमार एवं खरीक थानाध्यक्ष भी घटनास्थल पहुंचे।

थानाध्यक्ष ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये अनुमंडल अस्पताल भेजा दिया । एसडीपीओ प्रवेन्द्र भारती भी हरिओ पहुंच कर पड़ताल की।

रविवार की सुबह जैसे ही पत्नी वीणा देवी, पुत्र चंदन सिंह एवं सूरज सिंह की पलटू की हत्या की खबर मिली। वो शव के पास के दहाड़ मार कर रोने लगे। पत्नी बार-बार कह रही थी हो राजा कहां चल गइलो हो, केना रहबै हो। वहीं बेटा चंदन मां को चुप करा रहा था हम्मैं छियो ना, हम्मैं सबकुछ करबौ। चंदन ने बताया की पिताजी शाम को खाना खाकर सोने चले गये। वहीं गांव के बीचला टोला में शादी थी लेकिन देर रात गोली की आवाज सुनी थी पर लगा शादी में आवाज हो रहा है। .

About the Author

- न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

adv
error: भाई जी कॉपी नय होतोन .......