" />
Published On: Tue, Jul 28th, 2020

नवगछिया : सात माह से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे अग्नि पीड़ित को मिला 2022 का चेक -Naugachia News

नवगछिया – रंगरा अंचल कार्यालय से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. करीब 7 माह पहले मंदरौनी निवासी भगत निषाद के घर मे आग लग गयी थी. मुआवजे के लिए भगत निषाद लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर लगाते रहे. उन्हें तीन बार चेक भी मिला गया लेकिन चेक मुकम्मल नहीं था. कभी उनके नाम में गड़बड़ी कर दी गई तो कभी टाइटल ठीक-ठाक नहीं डाला गया. अब जब चौथी बार भगत निषाद को चेक मिला है तो इस चेक पर चेक निर्गत की तिथि के जगह पर 27 जून 2022 अंकित कर दिया गया है. अग्नि पीड़ित श्री निषाद ने बताया कि वह इस चेक को लेकर जब बैंक गए तो बैंक कर्मियों ने उन्हें कहा कि आप 2 वर्ष के बाद 2022 में आना.

उस समय आपको पैसा मिलेगा क्योंकि यह पर निर्गत तिथि 27 जून 2022 का ही दिया गया है. मायूस होकर पीड़ित अपने घर लौट गए. पीड़ित ने कहा कि जानबूझकर उनके साथ तीन बार पहले भी चेक देने में गड़बड़ी की गई. तीनों बार उनके नाम में गड़बड़ी कर दी गई जिसके कारण उनका रकम बैंक से नहीं निकाला जा सका. चौथी बार उन्हें उम्मीद थी कि इस बार सब कुछ ठीक-ठाक होगा लेकिन इस बार भी चेक में गड़बड़ी ही है. भगत निषाद ने कहा कि अंचल कार्यालय दौड़ने में भी उनके काफी पैसे खर्च हो गए और उन्हें सिर्फ ₹9800 का चेक मिलना है.

कहते हैं मुखिया

मंदरौनी पंचायत के मुखिया अजीत कुमार सिंह उर्फ मुन्ना ने बताया कि उक्त व्यक्ति को पहले भी तीन बार चेक दिया गया लेकिन तीनों बार त्रुटिपूर्ण चेक दिया गया. श्री मुन्ना ने कहा कि पीड़ित की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. इन दिनों वह मुआवजे की आस में रोज अंचल कार्यालय के चक्कर काट रहा है. पदाधिकारी जानबूझकर इस तरह की गलती कर रहे हैं ताकि पीड़ित को ज्यादा दिक्कत हो और वह रकम लेने से मना कर दे.

कहते हैं अंचलाधिकारी

रंगरा के अंचलाधिकारी जीतेंद्र राम ने कहा कि उक्त त्रुटि कार्यालय के नाजिर द्वारा की गई होगी. वे मामले की जांच कर जल्द से जल्द की रीत को रकम दिलवाने की पहल करेंगे.

About the Author

- न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

error: भाई जी कॉपी नय होतोन .......