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Published On: Fri, Jun 21st, 2019

नवगछिया : रंगरा, परबत्ता थानेदार लाइन हाजिर, दो दारोगा निलंबित, पुलिस महकमे में हड़कंप -Naugachia News

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नवगछिया : नवगछिया में गुरुवार सुबह अाैचक निरीक्षण में पहुंचे डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय एक अलग अंदाज में अाए। वे सिविल ड्रेस में बिना सुरक्षा गार्ड के पैदल ही नवगछिया टाउन थाना पहुंचे। उनके साथ कार्यालय के डीआइजी रेंक के पदाधिकारी भी सिविल ड्रेस में उनके साथ अाए। कैपिटल एक्सप्रेस से वह सुबह 5:10 बजे नवगछिया स्टेशन पर उतरे। उजला पायजामा और उजले रंग के टीशर्ट में जीआरपी थाना पहुंचे। वहां अपाना सामान रख दिया। इसके बाद पैदल ही टाउन थाना निकल पड़े। गाेशाला के पास ताइक्वांडो खिलाड़ी जेम्स से टाउन थाना का पता पूछा। उसने कहा चलिए मैं मोटरसाइकिल से अापकाे वहां छाेड़ देता हूं। रास्ते में खिलाड़ी से डीजीपी ने पूछा कि क्या अाप गुप्तेश्वर पांडेय को पहचानते हैं। तो उन्होंने कहा वही न जो डीजीपी हैं। इसपर उन्होंने कहा कि गुप्तेश्वर पांडेय मै ही हूं। इसपर युवक आश्चर्यचकित हो गया।

5: 45 बजे डीजीपी टाउन थाना पहुंचे। वहां काेई पदाधिकारी नहीं थे। डीजीपी कुर्सी पर बैठ गए। वहां चाैकीदार से गंवई अंदाज में कहा-भाय पानी सब पिलयभो। चाैकीदार ने कहा-काहे नै सर, अहां हमरा यहां एलाै छियै। हमरो अतिथि भेलिये। चाैकीदार उन्हें नहीं पहचानता था। उसने डीजीपी काे पानी लाकर दिया। पानी पीकर डीजीपी ने कहा-एक कैस की पैरवी करानी है, हाेगा। इसपर चाैकीदार ने कहा कि इसपर साहब ही बात करेंगे। इस दौरान अपहर्ता के चंगुल से भाग कर आए युवक कुमोद यादव से बातचीत कर उनसे पूरी जानकारी ली। फिर नवगछिया एसपी को फोन कर कहा आपके थाने मे कोई पदाधिकारी नहीं है। उन्हें अपहृत युवक के बारे में जानकारी दी और मधेपुरा एसपी को भी युवक के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। चाैकीदार के व्यवहार से डीजीपी काफी खुश हुए।

पुलिसकर्मियों ने कहा- सर फ्रेश हाेने के लिए गए थे

इस बीच टाउन थाना के लेखपाल रवि कुमार व सअनि सिविल ड्रेस में वहां पहुचे। डीजीपी काे पहचानते ही कहा-सर फ्रेश हाेने गए थे। इसके बाद डीजीपी ने टॉउन थाना, महिला थाना एवं एससी-एसटी थाना का निरीक्षण किया। महिला थाना में कोई पदाधिकारी नहीं थे। उन्होंने सअनि राघव को कहा कि थाना में ताला लगाकर मुझे सुपुर्द करो। तब तक थाना में प्रतिनियुक्ति एक जमादार दौड़ कर आए। उससे डीजीपी ने कहा-स्टेशन डायरी लाओ। एससी-एसटी थाना में भी कोई नहीं था। इसी बीच हाफ पैंट व टीशर्ट पहने एससी-एसटी थाना के एक दारोगा वहां पहुंचे। डीजीपी ने कहा- मैं गुप्तेश्वर पांडेय हूं। इतना सुनते ही दारोगा गाड़ी से उतर कर सैल्यूट मारने लगे।

अापराधिक घटनाअाें की डीजीपी ने की समीक्षा

7:15 में वह रंगरा थाना पहुंचे। थाना में केवल एक कर्मचारी अवधेश ठाकुर थे जो सिर्फ पजामा पहने थे। इसी बीच एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती वहां पहुंचे। इसके बाद एसपी निधि रानी भी वहां पहुच गईं। डीजीपी ने थाना की स्टेशन डायरी व अन्य फाइल मांगी, लेकिन स्टेशन डायरी व फाइल वहां नहीं थी। 20 मिनट के बाद रंगरा ओपी प्रभारी दस्तावेज लेकर वहां पहुचे। वहां डीजीपी ने रंगरा थाना अध्यक्ष की खबर लेनी शुरू की। 9 बजे डीजीपी नवगछिया स्टेशन पहुंचे अाैर वर्दी पहनी। इसी दौरान डीआईजी विकास वैभव भी नवगछिया पहुंचे। 9 :30 बजे डीजीपी ने एसपी कार्यालय में सबके साथ बैठक की। फिर भागलपुर के लिए प्रस्थान किया। साढ़े पांच बजे नवगछिया से राजधानी एक्सप्रेस से पटना लौट गए।

दृढ़ इच्छा शक्ति और लोगों के समर्थन से ही सूबे में सफल होगी शराबबंदी

नवगछिया | पटना जाने के क्रम में डीजीपी ने नवगछिया स्टेशन पर कहा कि शराबबंदी पदाधिकारियों की दृढ़ इच्छा शक्ति और अपार जनसमर्थन के बाद ही शराबबंदी संभव है। उन्होंने शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए पदाधिकारियों को अवश्यक निर्देश दिये हैं। डीजीपी ने पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों के रहने की दोयम व्यवस्था पर कहा कि वे इस मामले को देखेंगे। अगली बार जब भी नवगछिया आये तो पुलिस लाइन का निरीक्षण जरूर करेंगे। नदी थाने में सीमित संसाधन पर कहा कि इस मामले पर भी विचार किया जायेगा। नवगछिया में एक ही दिन में तीन बार डीजीपी अलग अलग परिधान में नजर में आये। सुबह टी शर्ट और पायजामा में थे। नवगछिया पुलिस मुख्यालय में बैठक से पूर्व वे अपने निर्धारित ड्रेस में नजर अाए। शाम में डीआरएम कैंप कार्यालय में उन्होंने सफेद कुर्ता पायजामा पहना था।


बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय डीजीपी बनने के बाद पहली बार गुरुवार काे भागलपुर पहुंचे। नवगछिया से वे भागलपुर शहर करीब 11 बजे पहुंचे। वे सीधे एसएसपी अाॅफिस पहुंचे। जहां थानेदाराें व पुलिस के वरीय अफसराें के साथ एक घंटे तक बंद कमरे में बैठक की। मीटिंग के दाैरान किसी काे भी अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। डीजीपी ने बैठक के दाैरान कहा कि थानेदाराें काे अपने काम का स्टाइल बदलना हाेगा। अालम यह है कि थानेदाराें काे एक महीने में थाने में कितने केस हुए इसकी जानकारी तक नहीं रहती, लेकिन बालू माफिया, शराब माफिया और गिट्टी माफिया से जुड़ी पूरी जानकारी रहती है।

भागलपुर में समीक्षा बैठक के दौरान डीआईजी विकास वैभव अाैर एसएसपी अाशीष भारती के साथ डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय
एसएसपी से कहा, अपराधियाें पर टूट पड़िये

उन्हाेंने दाे टूक शब्दाें में थानेदाराें से कहा कि वे खुद काे बदल लें। हर पुलिस अफसर की कुंडली मेरे पास है। काैन क्या कर रहा है इसकी जानकारी है। सजाैर व जगदीशपुर पुलिस की कार्यशैली पर उन्हाेंने सवाल उठाते हुए कहा इस थाना क्षेत्र में बालू का अवैध खेल जारी है। डीजीपी ने एसएसपी से कहा कि अपराधियाें पर टूट पड़िए। बैठक में डीअाईजी विकास वैभव, एसएसपी अाशीष भारती, सिटी एसपी सुशांत कुमार सराेज, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह अादि माैजूद थे।

हर थानेदार की गतिविधि पर रखी जा रही नजर

डीजीपी के एक्शन में अाते ही नवगछिया से लेकर बांका तक में पुलिस अफसराें में बैचेनी देखी गई। पहली बार हर थानाें का स्टेशन डायरी अपडेट हाे गया था। बताया जाता है कि डीजीपी ने सभी थानेदाराें के माेबाइल के जरिए उनकी गतिविधियाें की मानिटरिंग शुरू की है। डीजीपी ने कहा कि अगर थाने से अवैध वसूली की शिकायत मिली ताे थानेदार सीधे सस्पेंड हाेंगे। यही नहीं उन्हाेंने शराब माफियाअाें के खिलाफ सख्त एक्शन लेने काे कहा

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