नवगछिया : करंट लगने से युवक की मौत, मृतक के परिजनों ने चिकित्सक को दौड़ाकर पीटा-Naugachia News

नवगछिया : नवगछिया थाना क्षेत्र के सिमरा निवासी युवक रोबिन कुमार की मौत करंट लगने से हो गई. युवक की मौत के बाद आक्रोशित हुए परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक डॉ देवव्रत कुमार को दौड़ा दौड़ाकर उनके साथ मारपीट की. घटना की सूचना मिलने पर नवगछिया थाना के रंजन कुमार गुप्ता पुलिस बलों के साथ अस्पताल पहुंचे. तबतक अस्पताल में चिकित्सक के साथ मारपीट करने वाले लोग वहां से फरार हो गए थे. जानकारी मिली है कि सिमरा गांव में घर की बिजली ठीक करने के क्रम में सिमरा निवासी रोबिन कुमार मिश्रा 31 वर्ष करंट लगने से झुलस गए. जिसके बाद परिजनों द्वारा उसे इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल लाया गया. अनुमंडल अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ देवव्रत कुमार ने उसकी जांच की तो तब तक रोबिन की मौत हो चुकी थी.

चिकित्सक द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद चिकित्सक अस्पताल के पर आकर खड़े हो गए. इसकी बीच एक डेढ़ सौ की संख्या में लोग अस्पताल पहुचे. जहां उन्होंने रॉबिन की मौत की खबर सुनते ही डॉ देवव्रत कुमार के साथ मारपीट करने लगे. चिकित्सक को उन लोगों ने मृतक के साथ एक निजी अस्पताल ले गए. वहां भी जब उसे मृत घोषित कर दिया गया. उसके बाद वे सभी लोग वहां से निकल गए. इस दौरान चिकित्सक के पैर व कमर और चेहरे पर चोट आई है. सूचना के बाद नवगछिया पुलिस अस्पताल पहुंची. इसके कुछ देर बाद रोबिन के शव को लेकर परिजन भी अस्पताल पहुचें. जहां रोबिन के परिजनों ने चिकित्सक के मारपीट करने के संदर्भ में लिखित रूप से माफी मांगी. इसके बाद पुलिस ने रोबिन का पंचनामा तैयार कर अस्पताल को सौप दिया. शव का पोस्टमार्टम सोमवार को होगा.

– अस्पताल में विलंब से शुरू हुआ इलाज

परिजनों नीतीश कुमार झा, आलोक कुमार झा, दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि उनलोगों ने जब वे लोग अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक बहुत देर तक देखने के लिये ही तैयार नहीं हुए. इसके बाद गांव के ही एक दो लड़के ने चिकित्सक के साथ बाता बाती की. किसी ने मारपीट नहीं कि थी. परिजन की मौत के बाद वे लोग गहरे सदमे में हैं.

चिकित्सक ने कहा

अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ देवव्रत ने कहा कि दो लड़कों ने उनके साथ मारपीट और शर्मनाक हरकत किया है. बांकी लोग दोनों को बढ़ावा दे रहे थे. वे इस घटना के बाद काफी आहत हैं. अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सक डॉ वरुण ने कहा कि ऐसे महौल में काम करना संभव नहीं है. अस्पताल में स्थायी रूप से पुलिस बलों की सुरक्षा व्यवस्था की जानी चाहिये.

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