" />
Published On: Tue, Apr 30th, 2019

जिन जातक की जन्मकुंडली या राशियों पर शनि की साढ़ेसाती व ढैया का प्रभाव, शनि अमावस्या पर करे उपाय

adv

इस बार शनि अमावस्या 4 मई शनिवार काे है। सनातन संस्कृति में इसका विशेष महत्व है। इस बार अमावस्या शनिवार के दिन हाेने से यह अत्यधिक खास मानी गई है। जिन जातक की जन्मकुंडली या राशियों पर शनि की साढ़ेसाती व ढैया का प्रभाव है वे इसकी शांति व अच्छे फल प्राप्त करने के लिए शनि अमावस्या पर विधिवत पूजन करें। शनिदेव का रंग श्याम वर्ण है और अमावस्या की रात्रि भी काली होती है। दोनों के ही गुणधर्म एक समान हैं।

इसलिए शनिदेव को अमावस्या अधिक प्रिय है। पूर्व से ही अमावस्या पर शनिदेव का पूजन तांत्रिक आदि विशेष रूप से करते रहे हैं। स्टेशन चौक स्थित प्राचीन शनि मंदिर के पुजारी परमेश्वरानंद बाबा ने बताया कि शनि अमावस्या पर शनिदेव की पूजा-अर्चना की जाएगी। 108 सरसों तेल के दीप जलाए जाएंगे। मंगल पाठ होगा। धनु राशि में सूर्य के होने के कारण धन की प्राप्ति के लिए यह दिन सबसे श्रेष्ठ है।

इस साल कब-कब अमावस्या

4 मई शनिवार,-3 जून सोमवार, जुलार्इ मंगलवार, 1 अगस्त गुरुवार, 30 अगस्त शुक्रवार, 28 सितंबर शनिवार, 26 नवम्बर मंगलवार, 26 दिसंबर गुरुवार।

शनिदेव को प्रिय है शनि अमावस्या का दिन

पंडित रमेश झा ने बताया कि एेसी मान्यता है कि शनि की कृपा का पात्र बनने के लिए शनि अमावस्या को सभी शनि भक्तों को विधिवत शनि की आराधना करनी चाहिए। भविष्य पुराण के अनुसार शनि अमावस्या शनिदेव को अधिक प्रिय है। इस दिन स्नान दान करने का अत्यंत महत्व है। शनिदेव का रंग श्याम वर्ण है और अमावस्या की रात्रि भी काली होती है। इसलिए इस दिन उनकी अराधना करने से वे अत्यधिक प्रसन्न हाेते हैं।

About the Author

- न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

adv
error: भाई जी कॉपी नय होतोन .......