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Published On: Wed, Jan 15th, 2020

खुशखबरी : कुवारो की अब बल्ले बल्ले.. इस साल 74 विवाह के मुहूर्त, सबसे अधिक फरवरी व मई में..

आज मकर संक्रांति मनाई जाएगी। इसके साथ ही साथ ही खरमास की समाप्ति हो गई है। आज से शुभ दिनों की शुरुआत हो जाती है। यज्ञोपवीत, विवाह व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुभ मुहूर्त के साथ ही लोगों के घरों में शहनाई बजनी शुरू हो जाएगी।

पौष माह (खरमास) के रूप में माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्यों की मनाही होती है। इसलिए लोग इस महीने में कोई भी मांगलिक कार्य करना उचित नहीं समझते हैं। पूरे एक महीने तक न तो लोग कोई शुभ कार्य करते हैं और ना ही किसी चीज की खरीदारी ही करते हैं। अब मकर संक्रांति से खरमास खत्म हो गया और शुभ दिन शुरू हो गए हैं।

मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत

भागलपुर जिले के गोवरांय निवासी आनंदमूर्ति आलोक जी महराज ने बताया कि सूर्यदेव के उत्तरायण में आने के बाद से मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत शुभ मानी जाती है। इस बार विवाह मुहूर्त मकर संक्रांति के बाद से कुछ तिथियों को छोड़कर जून तक लगातार हैं। इसके बाद लगभग चार माह तक सन्नाटा रहेगा और नवंबर माह से शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।

सबसे शुभ होगा बसंत पंचमी का दिन

आनंदमूर्ति आलोक जी महराज के अनुसार इस बार बसंत पंचमी का दिन अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 30 जनवरी को पड़ रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होता है। इससे इस दिन का महत्व कुछ अधिक ही माना जाता है। पंचमी के दिन बड़ी संख्या में लोग मांगलिक कार्यक्रमों का अयोजन करते हैं। इस दिन से होली उत्सव की भी शुरुआत हो जाती है। बच्चों को पहली बार शिक्षा ग्रहण भी इसी दिन करवाया जाता है।

इस साल 74 विवाह के मुहूर्त, सबसे अधिक फरवरी व मई में

आनंदमूर्ति आलोक जी महराज ने ऋषिकेश पंचांग का हवाला देते हुए बताया कि 15 जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ खरमास खत्म होगा। इसके बाद 16 जनवरी से 13 मार्च तक लगातार विवाह मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 14 मार्च से 13 अप्रैल तक खरमास रहेगा। 14 अप्रैल से विवाह मुहूर्त 30 जून तक रहेगा। एक जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू हो जाएगा। इसके कारण विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होंगे। नये साल में देवोत्थान एकादशी 25 नवंबर बुधवार को मनाई जाएगी। इसके साथ मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

साल 2020 में इन तिथियों में होगा विवाह मुहूर्त

जनवरी- 16, 17, 18, 19, 20, 21, 29, 30, 31

फरवरी- 3, 4, 5, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 25, 27, 28

मार्च- 2, 3, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13

अप्रैल- 14, 15, 25, 26

मई- 1, 2, 3, 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 17, 18, 19, 23, 24, 25

जून- 13, 14, 15, 25, 26, 27, 28, 29, 30

नवंबर- 26, 29, 30

दिसंबर- 1, 2, 6, 7, 8, 9, 10, 11

खरमास में इन कारणों से नहीं होते मांगलिक कार्य

आनंदमूर्ति आलोक जी महराज ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार, खरमास के दौरान सूर्य धनु राशि में होता है। धनु राशि में होने के कारण सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है। सूर्य की स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण इस दौरान शादी, सगाई जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। माना जाता है कि मांगलिक कार्य करने के लिए सूर्य की स्थित मजबूत होना बहुत जरूरी है। अगर खरमास के दौरान मांगलिक कार्य करते हैं तो उसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता है।

बाजारों में बढ़ेगी रौनक

खरमास के दौरान बीते एक माह से वीरान पड़े बाजारों में भी रौनक लौटेगी। लोग इसी दिन से खरीदारी भी करना शुरू कर देंगे। इससे बाजारों का सन्नाटा भी दूर होगा। शहर के कपड़ा, सोना-चांदी व अन्य वस्तुओं के व्यवसायियों के अनुसार पौष माह में प्रति वर्ष बाजार ठंडा पड़ जाता है, लेकिन अब शादियों का मौसम शुरू होने से व्यापार बढ़ेगा। कपड़ा व्यवसाय मानव केजरीवाल ने बताया कि लगन को देखकर कई तरह के आकर्षक लहंगा, डिजाइनर साडिय़ां, युवाओं के लिए कोट-पैंट, शेरवानी मंगाए गए हैं। 2000 हजार से लेकर 20 हजार रेंज के महिला और पुरुष के परिधान उपलब्ध है। इस बार लगन में अच्छे कारोबार होने की संभावना है।

मैरेज हॉल और होटलों की बुकिंग शुरू

शादी-विवाह को लेकर मैरेज हॉल और होटलों की बुकिंग शुरू हो गई है। शहर में दो दर्जन से ज्यादा मैरेज हॉल 50 के करीब छोटे-बड़े होटल हैं। एक होटल के मैनेजर धीरज सिंह ने बताया कि उनके होटल में फरवरी और मार्च की बुकिंग आई है।

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