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Published On: Tue, Jan 8th, 2019

खुलासा : नवगछिया में 50 से अधिक केंद्रों पर जालसाजी कर बन गई है सेविका, चयन किया जाएगा रद्द, होगी कार्रवाई-Naugachia News

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ऋषव मिश्रा कृष्णा, नवगछिया अनुमंडल में पिछले दिनों बड़े पैमाने पर हुई आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका बहाली में व्यापक रूप से जालसाजी कर फर्जीवाड़ा करने का मामला प्रकाश में आया है. सबसे अधिक जालसाजी का मामला नारायणपुर प्रखंड से सामने आया है जबकि रंगरा और खरीक प्रखंड दूसरे और तीसरे स्थान पर है. जानकारी मिली है कि किसी भी प्रखंड में शत प्रतिशत नियमानुसार बहाली नहीं हुई है. कहीं पर नियम कानून ताक पर रख दिए गए हैं तो कहीं पर चयन करने वाले पदाधिकारियों के आंख में धूल झोंक कर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर आंगनबाड़ी की सेविका दीदी का चयन करा दिया गया है.

– जालसाजी के मामले में नारायणपुर प्रखंड अव्वल

– रंगरा और खरीक सहित अन्य प्रखंडों में भी व्यापक रूप से अनियमितता

– एक-एक कर सभी मामलों का निष्पादन कर रही हैं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी

कहीं पर ऐसा आरोप है कि नियम कानून को ताक पर रखकर सीधे-सीधे मनचाहे अभ्यर्थी का चयन कर लिया गया है तो ज्यादातर ऐसा मामला भी प्रकाश में आया है जिसमें प्रमाण पत्रों को स्कैन करवाकर बढ़ा चढ़ाकर अंक को प्रविष्ट करा दिया गया है और चयन प्रक्रिया में उसी फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया है. जानकारी मिली है कि नवगछिया अनुमंडल में 50 से भी अधिक ऐसे मामले प्रकाश में आए है. ऐसे अभ्यर्थी जिनका नियम का चयन होना था वे विभिन्न पदाधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ फर्जीवाड़ा करने वाले निश्चिंत होकर आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन में लग गए हैं.

केस स्टडी

गोपालपुर प्रखंड के डुमरिया चपरघट पंचायत के लतरा गांव के वार्ड नंबर 12 में भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है. यहां पर मेधा सूची में एक नंबर पर रूपम कुमारी का नाम था तो दूसरे नंबर पर मधु कुमारी का नाम था. रूपम कुमारी को मैट्रिक की परीक्षा में 73 फ़ीसदी अंक दिखाया गया था जबकि दूसरे नंबर पर मधु कुमारी को 71.2 फीसदी अंक दिखाया गया था. तैयार किए गए मेधा सूची के आधार पर रूपम कुमारी का चयन कर लिया गया. मधु कुमारी का कहना है कि रूपम को वास्तव में इतना अंक नहीं है जितना उसके प्रमाण पत्रों में दिखाया गया है. मधु कहती है कि वह शुरू से ही पदाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कर रही है और शुरू से ही उसके पास इस बात का प्रमाण भी है कि रूपम को 73 फीसदी अंक यानी कुल कुल 500 अंकों में 365 नंबर नहीं है.

उसे वास्तव में मैट्रिक की परीक्षा में 315 अंक यानी महज 63 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं. जबकि उसने 71.2 फीसदी अंक प्राप्त किया है. मधु ने कहा है कि रूपम ने वर्ष 2013 में मैट्रिक के परीक्षा पास की है और इंटरनेट पर उसका रिजल्ट अंक के साथ देखा जा सकता है. मधु ने यह भी प्रमाण दिया है कि रूपम ने टीएनएम बालिका इंटर विद्यालय शिरिनियां जिला खगड़िया से मैट्रिक की परीक्षा पास की है. वहां के प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने अपने लेटर पैड पर इस बात को प्रमाणित किया है कि रूपम को वास्तव में 315 अंक ही प्राप्त हुए हैं जो फीसदी के हिसाब से 63 है.

प्रधानाध्यापक का कहना है कि रूपम ने हिंदी में 52, संस्कृत में 63, गणित में 72, एससी में 62 और एसएससी में 66 कुल मिलाकर 315 अंक प्राप्त किया है. पूरे मामले पर चयन करने वाली पर्यवेक्षिका अनिता कुमारी ने बताया कि चयन के समय उन लोगों को निर्देश दिया गया है कि जो भी प्रमाण पत्र सामने आए उस आधार पर चयन कर लेना है बाद में इस तरह का मामला प्रकाश में आया कि उक्त चयन में फर्जी प्रमाण पत्र देकर चयन करवा लिया गया. मामला जांच में है परिणाम नियमानुकूल होगा यह निश्चित है.

50 से ₹100 में मिल रहे हैं फर्जी प्रमाण पत्र

नवगछिया में आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका की बहाली के समय 50 से ₹100 में एकदम वास्तविक दिखने वाले प्रमाणपत्र आसानी से मिल जा रहे थे. जानकारी मिली है कि ऐसे प्रमाण पत्र फोटो शॉप पर काम करने वाले दुकानदारों द्वारा तैयार करवाया गया था. प्रमाण पत्रों को स्कैन कर फोटोशॉप के माध्यम से फेल या थर्ड डिविजन प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को भी फर्स्ट डिवीजन बना दिया जाता था. नवगछिया शहर सहित गांव में ऐसे कई फोटो साफ करने वाले दुकानदार है जो कि काफी कम पैसे लेकर इस तरह का काम करते हैं.

कहती है जिला कार्यक्रम पदाधिकारी

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि उनके पास विभिन्न जगहों से इस तरह का मामला प्राप्त हुआ है सबसे ज्यादा फर्जीवाड़े का मामला नवगछिया अनुमंडल से ही आया है. गोपालपुर के लतरा गांव का मामला भी उनके संज्ञान में है. क्रम से सभी मामलों की सुनवाई की जा रही है और नियमों में कुल निर्णय भी दिया जा रहा है. फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर की गई बहाली को रद्द किया जा रहा है और मेधा सूची में दूसरे क्रम के अभ्यर्थी या वास्तविक अभ्यर्थी के चयन का निर्देश भी दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह की जालसाजी करना अपराध है और इस पर कार्यवाही के लिए भी वरीय पदाधिकारियों से निर्देशन प्राप्त कर कार्रवाई की जाएगी

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