उत्तर बिहार में बारिश सात वर्षों का रिकार्ड तोड़ने को बेताब, 29 तक भारी बारिश की चेतावनी

मानसून की लगातार बनी सक्रियता से उत्तर बिहार में जून में बारिश के पिछले सात वर्ष का रिकार्ड टूटने के कगार पर है। अभी पांच दिन बाकी हैं और अबतक 197 एमएम औसत बारिश हो चुकी है। अगले 29 जून तक भारी बारिश के आसार हैं जिसमें अनुमानत: 50 से 60 एमएम तक औसत वर्षा हो सकती है। इससे पहले 2013 में जून में 299.3 एमएम औसत बारिश हुई थी। जबकि सामान्य बारिश जून में औसतन 164 एमएम माना गया है।

सांख्यिकी विभाग के अनुसार मुजफ्फरपुर में इस वर्ष अबतक जून में 231 एमएम बारिश हो चुकी है। मुजफ्फरपुर में बीते चौबीस घंटे में ही करीब 55 एमएम बारिश हुई है। वहीं दरभंगा में 35 एमएम व मधुबनी में 25 एमएम रिकार्ड किया गया है।

मानसून का साथ मिलने से किसान गदगद हैं। आद्रा नक्षत्र में हो रही बारिश से किसानों को धनरोपनी करने में लागत काफी कम आने की उम्मीद जगी है। बुधवार देर रात से लगातार हो रही बारिश से उत्तर बिहार में धनरोपनी में तेजी आ गयी है। हालांकि मुजफ्फरपुर के कांटी, साहेबगंज समेत कुछ अन्य इलाकों में बिचड़ा डूबने से किसान थोड़े चिंतित भी है। मिथिलांचल के दरभंगा, मधुबनी व सीतामढ़ी में आद्र्रा नक्षत्र में अच्छी बारिश से रोपनी में तेजी आयी है।

पश्चिमी चंपारण में रेड अलर्ट :

पश्चिमी चंपारण में गुरुवार की सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश को देखते हुए डीएम कुंदन कुमार ने जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वाल्मीकिनगर में सुबह तीन से छह बजे तक मूसलाधार बारिश हुई है। पूर्वी चम्पारण में सुबह से झमाझम बारिश हो रही है। इधर, मौसम विभाग ने उत्तर बिहार में 29 तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। सभी जिलों में सतर्कता बरती जा रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वज्रपात से गुरुवार को राज्य में 83 लोगों की मौत (Bihar Lightning Death) पर दुख व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने मृतकों के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। वज्रपात से गोपालगंज में 13, पूर्वी चंपारण में पांच, सीवान में छह, दरभंगा में पांच, बांका में पांच, भागलपुर में छह, खगड़िया में तीन, मधुबनी में आठ, पश्चिम चंपारण में दो, समस्तीपुर में एक, शिवहर में एक, किशनगंज में दो, सारण में एक, जहानाबाद में दो, सीतामढ़ी में एक, जमुई में दो, नवादा में आठ, पूर्णिया में दो, सुपौल में दो, औरंगाबाद में तीन, बक्सर में दो, मधेपुरा में एक और कैमूर में दो लोगों की मृत्यु हुई है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में पूरी तरह सतर्क रहें। खराब मौसम होने पर वज्रपात से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग समय-समय पर जारी किए गए सुझावों का पालन करें। खराब मौसम में घरों में रहें और सुरक्षित रहें।

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