" />
Published On: Tue, Nov 27th, 2018

अस्त गुरु करा रहा विवाह के लिए इंतजार, 15 दिसंबर से खरमास…17 जनवरी से श्रेष्ठ मुहूर्त ये सब

नवगछिया : वृश्चिक राशि में सूर्य, बुध और गुरु का त्रिग्रही युति संबंध बन रहा है, जो 15 दिसंबर तक रहेगा। 15 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा, जो 14 जनवरी तक रहेगा। इस अवधि में मांगलिक कार्य करना उचित नहीं माना गया है। इन सब स्थितियों के कारण 17 जनवरी से श्रेष्ठ मुहूर्त शुरू होंगे। दयानंद पाण्डेय बताते हैं कि मांगलिक संस्कार के लिए आकाश मंडल में गुरु और शुक्र तारे का उदय होना जरूरी है। लड़की के लिए गुरु व लड़के के लिए शुक्र बलवान होने पर ही विवाह का शुभ मुहूर्त निकलता है।

लेकिन, इस समय गुरु का तारा अस्त है, जो लड़कियों के विवाह के लिए शुभकारी नहीं माना गया है। शास्त्रों में विवाहादि शुभ कार्यो के लिए दोषरहित शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है। अगले वर्ष 2019 में 17 जनवरी से ऐसे श्रेष्ठ मुहूर्त शुरू होंगे, जिनमें मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इसका मतलब यह है कि इस बार देवप्रबोधिनी एकादशी को कोई विवाह नहीं होगा। विवाह के लिए युवक-युवतियों को ढाई माह का इंतजार करना होगा। जिन युवक-युवतियों का रिश्ता तय होने वाला है और वे विवाह करने की प्लानिंग कर रहे हैं, उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि इस वर्ष बचे नवंबर व दिसंबर महीने के बाद 16 जनवरी तक एक भी श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं है।

इसका कारण विवाह के लिए कारक माने जाने वाले गुरु तारा का अस्त होना है। इससे विवाह जैसे शुभ संस्कार नहीं होंगे। गुरु तारा उदित होने और खरमास खत्म होने के बाद 17 जनवरी 2019 से ही फेरे लिए जा सकेंगे। बताते चलें कि जुलाई में हरिशयनी एकादशी से शुभ कार्य बंद हैं। देखा जाए तो शुभ संस्कारों पर जुलाई से लगी रोक जनवरी में पडऩे वाली मकर संक्रांति तक जारी रहेगी। इस दौरान अग्रहण शुक्ल पंचमी तिथि, 12 दिसंबर को श्रीराम-जानकी विवाह होगा।

हालांकि महावीर पंचांग के मुताबिक, गुरु का उदय सात दिसंबर को होगा। इसके बाद दिसंबर में 8, 10, 11,12 और15 तारीख को विवाह मुहूर्त होंगे। पंचांगकारों के मुताबिक, नए साल में विवाह की काफी लग्न हैं। 15 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ खरमास समाप्त होते ही विवाहादि मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। 14 मार्च के बाद मीन का खरमास शुरू होते ही फिर इस पर विराम लगेगा। इसके बाद 15 अप्रैल से 11 जुलाई तक शहनाई बजेगी।

विवाह का मुहुर्त

जनवरी : 17, 18, 22 23 25 26 28 29 30 31

फरवरी : 1 3 8 9 10 13 14 19 20 21 22 25 26 28

मार्च : 2 3 7 8 9 12 13 14

अप्रैल : 15 16 18 20 21 22 23 24 25 26 27

मई : 6 7 8 12 13 14 15 16 18 19 20 21 23 24 28 29 30

जून : 8 9 10 11 12 14 15 16 17 18 19 20 24 25 26 28

जुलाई : 5 6 7 8 9 10 11

नवंबर : 19 20 21 22 23 27 28 29 30

दिसंबर : 2 5 7 11 12

About the Author

- न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Leave a comment

XHTML: You can use these html tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

error: भाई जी कॉपी नय होतोन .......